
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर रहवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने निगम आयुक्त को पत्र सौंपकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को सील करने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
समिति के अनुसार, हाईकोर्ट ने आठ सितंबर को पारित आदेश में संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर भू-उपयोग और अनुमतियों की जांच के बाद चार सप्ताह में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अरेरा कॉलोनी के रहवासी क्षेत्रों में चल रहे कारोबार पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। रहवासियों का कहना है कि निगम की लापरवाही से कॉलोनी की आवासीय पहचान खतरे में पड़ रही है।
समिति का दावा है कि अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों के मामले 2022 में करीब 20 थे, जो अब बढ़कर 80 से अधिक हो गए हैं। पूर्व में सील की गई कुछ संपत्तियों पर दोबारा व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिली हैं। इससे स्पष्ट है कि बिना कड़ी कार्रवाई के नियमों का उल्लंघन रुकने वाला नहीं है।
समिति ने कहा कि भूखंड को फ्रीहोल्ड कराने से व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं मिल जाती। इसके लिए नियमानुसार स्वीकृति जरूरी है। प्रस्तावित मास्टर प्लान-2047 का हवाला देकर मौजूदा गतिविधियों को वैध ठहराने के प्रयासों पर भी समिति ने आपत्ति जताई है। समिति ने संबंधित संपत्तियों के स्वीकृत नक्शे, भू-उपयोग और भवन अनुमतियों की जांच कर उल्लंघन मिलने पर सीलिंग सहित कार्रवाई की मांग की है।
रहवासियों का कहना है कि अरेरा कॉलोनी की आवासीय पहचान और पर्यावरण की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। अगर नगर निगम ने तय समय में कार्रवाई नहीं की तो वे अदालत में अवमानना याचिका दायर करेंगे।