Arts And Culture: हस्तशिल्प प्रदर्शनी में लोगों को लुभा रही बुंदेली चित्रकारी
राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में लगा हस्तकला बाजार। 16 जिलों के 28 शिल्प उत्पादों का किया जा रहा प्रदर्शन। ...और पढ़ें
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Wed, 07 Sep 2022 05:45:27 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Sep 2022 05:45:27 PM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। वैसे तो बुंदेलखंड कला और साहित्य के मामले में अव्वल रहा है, लेकिन अभी तक वहां की चित्रकारी की विधा प्रसिद्ध नही थी, जिसे अब मध्य प्रदेश टूरिज्म के माध्यम से प्रमोट किया जा रहा है। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर (मिंटो हाल) में लगी हस्तकला बाजार प्रदर्शनी में कला और शिल्प के साथ इसे भी देखा जा सकता है। यहां प्रदेश के 16 जिलों के 28 शिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। प्रदर्शनी का उद्घाटन मंगलवार को पर्यटन और संस्कृत मंत्री उषा ठाकुर ने किया, जो 10 सितंबर तक चलेगी।
500 पेंटिंग की प्रदर्शित
प्रदर्शनी में ओरछा से आए बुन्देली चित्रकार शुभम दुबे अपने स्टाल में लगभग 500 के करीब पेंटिंग्स लेकर आये हैं। इन पेंटिंग में दीवाली, करवाचौथ और गणेश पूजा की झलक नज़र आई। वहीं पोस्ट कार्ड पर ऐक्रेलिक कलर से हिस्टोरिकल आर्ट किया है। उन्होंने बताया कि सभी पेंटिंग्स वाटर प्रूफ हैं और हैंड मेड पेपर पर बनाई गई हैं जो सालों तक खराब नही होंगी।
16 जिलों से 28 शिल्प उत्पादों के स्टाल
'हस्तकला बाजार' प्रदर्शनी में प्रदेश के लगभग 16 जिलों से 28 शिल्प उत्पादों के स्टाल लगाए गए हैं। साथ ही 6 उत्पादों की लाइव प्रदर्शनी लगाई गई है। छतरपुर का टेराकोटा और लौह शिल्प, बैतूल का बैलमेटल, सतना का कांसा, ओरछा की बुंदेली पेंटिंग, देवास का औद्योगिक अपशिष्ट लकड़ी से बनाई गई वस्तुएं, भोपाल का हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट और जरी जरदोजी, राजगढ़ का कपड़ा अपशिष्ट उत्पाद, आलीराजपुर की हैंडीक्राफ्ट पेंटिंग, खंडवा की हाथ कढ़ाई और कागज उत्पाद के साथ महेश्वर हैंडलूम, बांस शिल्प, प्राकृतिक शहर और मार्बल स्टोन की वस्तुएं प्रदर्शित की गई है। यहां बुदनी में बने दूधी लकड़ी के खिलौने भी खास हैं।