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नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अशोका गार्डन क्षेत्र में गोलीबारी के बाद अब हिस्ट्रीशीटर लल्लू रईस और शादाब गेट के गिरोह के बीच फिर मारपीट हुई है। गोलीबारी के वीडियो शेयर करने और लोगों को दिखाने के विवाद में शनिवार शाम को लल्लू के बेटे और शादाब के करीबी बदमाश कल्लू बच्चा के बेटे भिड़ गए। आरोप है कि लल्लू रईस के बेटे इमरान, इम्तियाज और अमान ने कल्लू के बेटे फैजान से अड़ीबाजी और मारपीट की है। लल्लू रईस पर भी मारपीट का आरोप है। अशोका गार्डन पुलिस ने फैजान की शिकायत पर लल्लू रईस और उसके बेटों पर केस दर्ज किया है, जबकि फैजान पर मामला दर्ज नहीं किया गया है।
दरअसल हिस्ट्रीशीटर बदमाश कल्लू बच्चा शादाब गेट का करीबी है और उस पर अलग-अलग थानों में 30 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं। वह लल्लू रईस के घर के पास ही रहता है। पुलिस के अनुसार शनिवार शाम करीब छह बजे कल्लू का बेटा फैजान घर के आसपास लल्लू के घर हुई गोलीबारी का वीडियो देख रहा था और दोस्तों को दिखा रहा था। इसी दौरान वहां से लल्लू का बेटा इम्तियाज गुजरा तो उसने फैजान के साथ गाली-गलौज की, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। जानकारी मिलने पर लल्लू, उसका बेटा इमरान और अमान भी वहां पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। एसआई पवन सेन ने बताया कि घटना के बाद लल्लू और उसके बेटे फरार हो गए। शिकायत पर अशोका गार्डन पुलिस ने केस दर्ज कर इम्तियाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उधर बदमाश लल्लू का आरोप है कि मारपीट में उसके बेटों को भी चोट लगी है, लेकिन पुलिस ने फैजान और कल्लू पर कार्रवाई नहीं की है।
कोहेफिजा पुलिस ने हमीदिया गोलीकांड के आरोपित शादाब का रिमांड नहीं लिया। अशोका गार्डन पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में उसे जलगांव की जेल भेज दिया गया है। हमीदिया गोलीकांड के बाद मुख्य आरोपित शादाब भोपाल से फरार हो गया था। छह दिन पहले जलगांव पुलिस ने उसे अवैध हथियार के साथ पकड़ा था। इसके बाद अशोका गार्डन पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लाई थी। शादाब ने अशोका गार्डन के साथ ही हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में गोली चलाई थी। शादाब को रिमांड पर न लेने के कारण कोहेफिजा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
इससे पहले पुलिस दूसरे हमलावर शाहजिब को दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्णगोपाल शुक्ला का कहना है कि गोलीकांड को लेकर पुलिस जांच कर रही है, इसमें कुछ अन्य तथ्य भी सामने आए हैं, जिससे फिलहाल उसे रिमांड पर नहीं लिया गया है। जरूरत पड़ने पर दोबारा जलगांव जेल से रिमांड पर ले सकते हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य गुर्गों और हथियारों के स्रोत की तलाश में जुटी हुई है।
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