
नईदुनिया प्रतिनिधित, भोपाल। एमबीबीएस (MBBS) इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने के कुछ दिनों बाद मध्य प्रदेश में आयुर्वेद इंटर्न डॉक्टरों ने भी अपने मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग की है।
वे एमबीबीएस इंटर्न को मिलने वाली राशि के बराबर स्टाइपेंड चाहते हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के भीतर उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे।
इंटर्न डॉक्टर ने आगे चेतावनी दी कि अगर 15 दिनों के भीतर कोई कदम नहीं उठाया गया, तो छात्र हड़ताल शुरू कर देंगे और इंटर्न OPD में जाना बंद कर देंगे। हम हड़ताल पर जाएंगे और इंटर्न डॉक्टर OPD में जाना बंद कर देंगे। OPD सेवाएं रोक दी जाएंगी। हड़ताल शांतिपूर्ण होगी। हमारा एकमात्र मुद्दा यह है कि हमें वह मिलना चाहिए जिसके हम हकदार हैं।
पंडित खुशिलाल आयुर्वेद संस्थान के फाइनल ईयर के छात्र और स्टूडेंट काउंसिल के प्रेसिडेंट डॉ. अभिनव जोशी ने मंगलवार को कहा कि आयुर्वेद इंटर्न को अभी 9,383 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड मिल रहा है, जिसे उन्होंने अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा कि उनकी एक ही मांग है कि स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 रुपये किया जाए।
जोशी ने कहा, हमारी एकमात्र मांग यह है कि आयुष (AYUSH) (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी) इंटर्न का स्टाइपेंड अभी बहुत कम है। हमें 9,383 रुपये प्रति माह मिलते हैं, जो एक मजदूर के भत्ते से भी कम है।
हम साढ़े चार साल तक पढ़ाई करते हैं और फिर एक साल की इंटर्नशिप करते हैं। उससे पहले हम दो से तीन साल तक NEET की तैयारी करते हैं और ऑल-इंडिया परीक्षा पास करने के बाद सरकारी कॉलेजों में एडमिशन पाते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में एमबीबीएस इंटर्न को हाल ही में हड़ताल के बाद स्टाइपेंड में बढ़ोतरी मिली है, जिससे उनकी राशि लगभग 14,000 रुपये से बढ़कर 21,500 रुपये प्रति माह हो गई है।
हमारी राष्ट्रीय नियामक संस्था, नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन (NCISM) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चिकित्सा की सभी प्रणालियां- चाहे आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, एमबीबीएस या बीडीएस हों, सब समान हैं। राज्य सरकार को भी उनके स्टाइपेंड को समान करने का निर्देश दिया गया है।
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