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MP में मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड की जरूरत नहीं, अब अस्पताल में मिलेगा ₹1.5 लाख तक का निशुल्क उपचार

Ayushman Bharat: सड़क दुर्घटना में घायलों को निजी या सरकारी अस्पताल में डेढ़ लाख रुपये तक का निश्शुल्क उपचार उपलब्ध करवाने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग न...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 17 Feb 2026 08:07:38 PM (IST)Updated Date: Tue, 17 Feb 2026 08:07:38 PM (IST)
MP में मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड की जरूरत नहीं, अब अस्पताल में मिलेगा ₹1.5 लाख तक का निशुल्क उपचार
MP में मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड की जरूरत नहीं।

HighLights

  1. MP में रोड एक्सीडेंट पीड़ितों को बड़ी राहत
  2. दुर्घटना में घायलों को 7 दिन तक फ्री इलाज
  3. प्रदेश के 1500 अस्पतालों में शुरू होगी योजना

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सड़क दुर्घटना में घायलों को निजी या सरकारी अस्पताल में डेढ़ लाख रुपये तक का निश्शुल्क उपचार उपलब्ध करवाने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने कर ली है। इस योजना के अंतर्गत पहले चरण में उन अस्पतालों में पीड़ितों को उपचार मिलेगा जो आयुष्मान योजना में अनुबंधित हैं। बाद में हाईवे के नजदीक स्थित अस्पतालों को संबद्ध करने का प्रयास किया जाएगा। बता दें, प्रदेश में आयुष्मान योजना की सुविधा वाले अस्पतालों की संख्या लगभग डेढ़ हजार है।

पीएम राहत योजना के तहत कैशलेस सुविधा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पीएम राहत योजना के अंतर्गत डेढ़ लाख रुपये तक के निशुल्क कैशलेस उपचार की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत उपचार देने वाले अस्पताल को सात दिन तक डेढ़ लाख रुपये की सीमा के भीतर उपचार देना होगा। मध्य प्रदेश में इसके लिए नोडल एजेंसी का काम आयुष्मान भारत योजना संचालित करने वाली स्टेट हेल्थ एजेंसी कर रही है।


हाईवे के नजदीकी अस्पतालों को जोड़ने की तैयारी

मध्य प्रदेश में योजना के सीईओ डॉ. योगेश भरसट ने कहा कि ऐसे गैर आयुष्मान अस्पतालों को भी योजना के अंतर्गत अनुबंधित करेंगे जिन क्षेत्रों में दुर्घटनाएं अधिक होती हैं या जो हाईवे के किनारे हैं। सड़क दुर्घटना में घायलों का जीवन बचाने के लिए पहला घंटा या 60 मिनट 'गोल्डन आवर' कहा जाता है। इस दौरान घायल को उपचार मिल जाए तो यह माना जाता है कि दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

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112 पर कॉल से मिलेगी तत्काल सहायता

मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में प्रति वर्ष 14 हजार से अधिक लोगों की मौत हो रही है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राहगीर या कोई अन्य व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए 112 पर काल करेगा। इसके बाद पास के अनुबंधित अस्पताल की एंबुलेंस घायल को लेने के लिए पहुंचेगी। वह आयुष्मान कार्ड धारक हो या नहीं, पर उसे डेढ़ लाख रुपये का निशुल्क उपचार मिलेगा।