
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सड़क दुर्घटना में घायलों को निजी या सरकारी अस्पताल में डेढ़ लाख रुपये तक का निश्शुल्क उपचार उपलब्ध करवाने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने कर ली है। इस योजना के अंतर्गत पहले चरण में उन अस्पतालों में पीड़ितों को उपचार मिलेगा जो आयुष्मान योजना में अनुबंधित हैं। बाद में हाईवे के नजदीक स्थित अस्पतालों को संबद्ध करने का प्रयास किया जाएगा। बता दें, प्रदेश में आयुष्मान योजना की सुविधा वाले अस्पतालों की संख्या लगभग डेढ़ हजार है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पीएम राहत योजना के अंतर्गत डेढ़ लाख रुपये तक के निशुल्क कैशलेस उपचार की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत उपचार देने वाले अस्पताल को सात दिन तक डेढ़ लाख रुपये की सीमा के भीतर उपचार देना होगा। मध्य प्रदेश में इसके लिए नोडल एजेंसी का काम आयुष्मान भारत योजना संचालित करने वाली स्टेट हेल्थ एजेंसी कर रही है।
मध्य प्रदेश में योजना के सीईओ डॉ. योगेश भरसट ने कहा कि ऐसे गैर आयुष्मान अस्पतालों को भी योजना के अंतर्गत अनुबंधित करेंगे जिन क्षेत्रों में दुर्घटनाएं अधिक होती हैं या जो हाईवे के किनारे हैं। सड़क दुर्घटना में घायलों का जीवन बचाने के लिए पहला घंटा या 60 मिनट 'गोल्डन आवर' कहा जाता है। इस दौरान घायल को उपचार मिल जाए तो यह माना जाता है कि दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
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मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में प्रति वर्ष 14 हजार से अधिक लोगों की मौत हो रही है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राहगीर या कोई अन्य व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए 112 पर काल करेगा। इसके बाद पास के अनुबंधित अस्पताल की एंबुलेंस घायल को लेने के लिए पहुंचेगी। वह आयुष्मान कार्ड धारक हो या नहीं, पर उसे डेढ़ लाख रुपये का निशुल्क उपचार मिलेगा।