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MP Ayushman Scheme Boycott: 8 अक्टूबर से बंद होगा इलाज; निजी डॉक्टरों की 1000 एंबुलेंस से दिल्ली कूच की चेतावनी

आईएमए मध्यप्रदेश और यूपीएचडीए समेत अस्पताल संगठनों ने एनबीएचएस सर्टिफिकेट की अनिवार्यता तत्काल हटाने की मांग की है और मांगें पूरी नहीं होने पर करीब 10...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 04:11:56 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 04:20:44 PM (IST)
MP Ayushman Scheme Boycott: 8 अक्टूबर से बंद होगा इलाज; निजी डॉक्टरों की 1000 एंबुलेंस से दिल्ली कूच की चेतावनी
प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान किया है।नईदुनिया

HighLights

  1. मध्यप्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों ने बकाया भुगतान को लेकर प्रदर्शन
  2. आयुष्मान भारत योजना में मरीजों का इलाज बंद करने का निर्णय लिया
  3. 8 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बहिष्कार, एम्बुलेंस से दिल्ली कूच का ऐलान

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के निजी अस्पतालों में आगामी 8 अक्टूबर से आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज पूरी तरह ठप हो जाएगा। योजना की भारी-भरकम बकाया राशि का भुगतान न होने और एनबीएचएस (एनबीएचएस) सर्टिफिकेशन की अनिवार्यता के विरोध में प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान किया है।

इसके साथ ही मांगों की अनदेखी किए जाने पर 1000 एंबुलेंस के साथ दिल्ली कूच करने की चेतावनी भी दी गई है।

डेढ़ से दो करोड़ रुपये प्रति अस्पताल बकाया

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ( आईएमए) मध्य प्रदेश और यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन ( यूपीएचडीए) सहित विभिन्न अस्पताल संगठनों ने संयुक्त रूप से इस आंदोलन का शंखनाद किया है।

राजधानी भोपाल के अधिकांश प्रमुख निजी अस्पतालों का आयुष्मान योजना के तहत औसतन 1.5 से 2 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से बकाया राशि न मिलने के कारण अस्पतालों का संचालन करना और कर्मचारियों का वेतन देना चुनौतीपूर्ण हो गया है।


NBHS सर्टिफिकेशन की अनिवार्यता पर आपत्ति

बकाया राशि के अलावा, अस्पताल संचालकों ने नेशनल बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ( एनबीएचएस) की अनिवार्यता को भी तुरंत हटाने की मांग की है। सरकार ने हाल ही में नियम लागू किया है कि एनबीएचएस सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज की पात्रता होगी।

डॉक्टरों का तर्क है कि छोटे व मध्यम श्रेणी के अस्पतालों के लिए यह प्रक्रिया जटिल और अव्यावहारिक है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

यह भी पढ़ें- MP में आयुष्मान योजना में नया पेंच, 1 अक्टूबर से NABH सर्टिफिकेट अनिवार्य, 300 निजी अस्पतालों की संबद्धता पर संकट

1000 एंबुलेंस के साथ दिल्ली कूच की तैयारी

अस्पताल संगठनों के पदाधिकारियों ने दोटूक कहा है कि यदि 8 अक्टूबर से पहले सरकार ने बकाए का भुगतान नहीं किया और नियमों में ढील नहीं दी, तो पूरे प्रदेश के निजी अस्पताल आयुष्मान के मरीजों का इलाज बंद कर देंगे।

विरोध दर्ज कराने और केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रदेशभर से 1000 एंबुलेंसों के साथ दिल्ली कूच की रूपरेखा भी तैयार की गई है। इस हड़ताल से राज्य के लाखों गरीब व मध्यमवर्गीय आयुष्मान कार्डधारकों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ सकता है।