
Bageshwar Dham : भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। बागेश्वर धाम सरकार की नागपुर में कथा के बाद जिस तरह से नागपुर की अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति ने उनके दिव्य दरबार को चुनौती दी है। इससे सियासत गर्म हो गई है। एक तरफ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह ने बागेश्वर धाम सरकार को अपनी बाते सिद्ध करने के लिए कहा है, अब मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री के पक्ष में खुलकर आ गए हैं।
जल्दी नाम कमाने के लिए लोग संत मुनियों के खिलाफ टिप्पणी
नारायण त्रिपाठी ने बागेश्वर धाम के पक्ष में शहर के वन विहार रोड िस्थत एक होटल में नागपुर की समिति के खिलाफ एफआइआर कराने की बात कही है। नारायण त्रिपाठी का कहना है कि इस समय जल्दी नाम कमाने के चक्कर में हिन्दू आस्थाओं व भगवान राम, कृष्ण और संत मुनियों के खिलाफ लोग टिप्पणी करने लगे हैं। कभी रामायण के नाम पर कभी धर्मगुरूओं के नाम पर लोग टिप्पणी कर रहे हैं। नागपुर की एक समिति ने भी बागेश्वर धाम सरकार के खिलाफ जादू टोना, टोटका का हवाला देते हुए आरोप लगाया है। मामला दर्ज कराने का प्रयास किया गया। इस बात से दिल दुखता है कि कोई कैसे धर्मगुरूओं का अपमान कर रहा है क्या किसी और धर्म में किसी धर्म और धर्मगुरूओं का अपमान संभव है।
22 जनवरी को भोपाल में बागेश्वर धाम सरकार के पक्ष में एक महासभा
नारायण त्रिपाठी ने कहा कि 22 जनवरी को भोपाल के 10 नंबर में बागेश्वर धाम सरकार के पक्ष में एक महासभा बुलाई गई है। जिसमें धर्म आस्था और अपने गुरूओं के खिलाफ बोलने वाले पर कार्यवाही की मांग भी की जाएगी। नारायण त्रिपाठी ने कहा कि जिस दिन से बागेश्वर धाम सरकार ने कुछ इसाइयो को हिन्दूओं धर्म में वापसी कराई है उस दिन से लगातार उन पर आरोप की बौछार हो रही है। इन सब बातों का समाज को विरोध करना चाहिए। इधर बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री मामले पर विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डा गोविंद सिंह ने बयान दिया है कि मैं पाखंड और ढोंग में नहीं पड़ता सनातन धर्म आस्था का बिन्दु है। इस देश में 80 से 90 प्रतिशत सनातन धर्म को मानने वाले लोग हैं। जब उनके ऊपर महाराष्ट्र में आरोप लगे तो बागेश्वर जी अपना बिस्तर बांध कर रात में क्यों भागे? मैं उनसे चाहूंगा अगर आपने सच्चाई है तो आपको प्रमाणिकता के आधार पर भागने का जवाब दें। आपने तांत्रिक जैसी प्रथा को प्रचारित कर रखा है। उसे प्रमाणित करें।