MP में छोटे कारोबारियों पर बैंकों का बढ़ा भरोसा, 2 साल में MSME लोन 36% बढ़ा
मध्य प्रदेश में छोटे कारोबारियों को बैंक ऋण तेजी से मिला है। मार्च 2024 से 2026 तक एमएसएमई कर्ज 36.47 प्रतिशत बढ़ा, जबकि सूक्ष्म उद्यमों का कर्ज 47.57...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 09:28:24 AM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 10:00:59 AM (IST)
MP में छोटे कारोबारियों पर बैंकों का बढ़ा भरोसा। (एआई जनरेटेड)HighLights
- एमएसएमई को मिलने वाला बैंक कर्ज 36.47 प्रतिशत बढ़ा।
- सूक्ष्म उद्यमों का कर्ज 47.57 प्रतिशत बढ़कर 89,133 करोड़ हुआ।
- छोटे उद्यमों का कर्ज दो वर्षों में 28.61 प्रतिशत बढ़ा।
नमन मिश्रा, नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: छोटे व्यवसायों जैसे किराना दुकान, आटा चक्की और फोटो कापी सेंटर के लिए पहले वित्तीय सहायता प्राप्त करना कठिन था, लेकिन अब इन पर बैंकों का भरोसा बढ़ा है। बैंकों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) श्रेणी में कर्ज की हिस्सेदारी 47.57 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
सूक्ष्म और लघु उद्यमों को मिलने वाले कर्ज में इजाफा
- प्रदेश के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2024 से मार्च 2026 के बीच एमएसएमई को दिए गए बैंक कर्ज में 36.47 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस दौरान सूक्ष्म उद्यमों के कर्ज में सर्वाधिक 47.57 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो 60,400 करोड़ रुपये से बढ़कर 89,133 करोड़ रुपये हो गया।
वहीं लघु उद्यमों का कर्ज 29,574 करोड़ रुपये से बढ़कर 38,035 करोड़ रुपये और मध्यम स्तर के उद्यमों का कर्ज 13,446 करोड़ रुपये से बढ़कर 17,167 करोड़ रुपये हुआ। यानी सूक्ष्म और लघु उद्यमों को मिलने वाला कर्ज दो वर्षों में 41.34 प्रतिशत बढ़ा है। मार्च 2026 में एमएसएमई को दिए गए कुल 1,45,491 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज में सूक्ष्म उद्यम की हिस्सेदारी लगभग 61 प्रतिशत रही। कुल बैंक कर्ज से तेज बढ़ा एमएसएमई क्रेडिट
- एमएसएमई कर्ज की वृद्धि दर प्रदेश के कुल बैंक क्रेडिट से भी अधिक रही। मार्च 2024 में अधिसूचित व्यावसायिक बैंकों का कुल कर्ज 4,66,890 करोड़ रुपये था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 5,93,511 करोड़ रुपये हुआ। इसमें 27.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि एमएसएमई ऋण 36.47 प्रतिशत बढ़ा।
महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि बैंकिंग कर्ज के साथ एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। एमएसएमई कर्ज में गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का अनुपात 5.79 प्रतिशत से घटकर 4.38 प्रतिशत रह गया। हालांकि, एनपीए की राशि (6,174 करोड़ रुपये से 6,366 करोड़ पहुंच गई) बढ़ी है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों को मिल रहा अधिक बैंक ऋण
- प्रदेश सरकार की मंशा आम नागरिकों को स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की है। इसी उद्देश्य से सूक्ष्म और लघु उद्यमों को अधिक बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल तो नहीं आएगा, लेकिन इसका सीधा लाभ छोटे उद्यमियों और कारोबारियों को जरूर मिलेगा।
- ऋण के माध्यम से वे अपने मौजूदा व्यवसाय और आजीविका को मजबूत बना सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे। विवेक कुमार द्विवेदी, प्रबंधक, जिला व्यापार व उद्योग केंद्र, भोपाल
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