• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

भोपाल गैस त्रासदी मामला: डाउ केमिकल कंपनी पर भारतीय अदालत के अधिकार क्षेत्र को लेकर तीखी बहस, नौ अक्टूबर को अगली सुनवाई

पिछली सुनवाई में सीबीआई ने अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर अपनी दलीलें पूरी कर दी थीं। जांच एजेंसी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 177 का हवाला देते हुए क...और पढ़ें

By naman MishraEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 08:19:01 AM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 08:22:03 AM (IST)
भोपाल गैस त्रासदी मामला: डाउ केमिकल कंपनी पर भारतीय अदालत के अधिकार क्षेत्र को लेकर तीखी बहस, नौ अक्टूबर को अगली सुनवाई
भोपाल गैस त्रासदी मामले में डाउ केमिकल के अधिकार क्षेत्र पर बहस जारी

HighLights

  1. भोपाल गैस त्रासदी मामले में डाउ केमिकल के अधिकार क्षेत्र पर बहस जारी
  2. पीड़ित संगठन ने मांगे यूनियन कार्बाइड और डाउ के विलय से जुड़े दस्तावेज
  3. इस मामले की अब अगली सुनवाई नौ अक्टूबर को होगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दिसंबर 1984 की यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी से जुड़े आपराधिक मामले में गुरुवार को भोपाल जिला न्यायालय में सुनवाई हुई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हेमलता अहिरवार की अदालत में मुख्य मुद्दा यह रहा कि अमेरिका की डाउ केमिकल कंपनी पर भारतीय अदालतों का अधिकार क्षेत्र लागू होता है या नहीं। डाउ केमिकल को यूनियन कार्बाइड कारपोरेशन की उत्तराधिकारी कंपनी माना जाता है।

पिछली सुनवाई में सीबीआई ने अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर अपनी दलीलें पूरी कर दी थीं। जांच एजेंसी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 177 का हवाला देते हुए कहा था कि अपराध जहां हुआ है, मुकदमे की सुनवाई वहीं होनी चाहिए। इसके अलावा डाउ को गृह मंत्रालय और अमेरिकी न्याय विभाग के माध्यम से समन पहुंचाए जाने की बात भी रखी गई थी।


विलय और एकीकरण के सबूत मांगे

गुरुवार को गैस पीड़ितों के संगठन भोपाल ग्रुप फॉर इन्फार्मेशन एंड एक्शन की ओर से दलीलें रखी गईं। संगठन के अधिवक्ता ने अदालत से डाउ केमिकल को यूनियन कार्बाइड के साथ विलय और कंपनी के एकीकरण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश देने की मांग की। उनका तर्क था कि डाउ एक ओर यूनियन कार्बाइड अमेरिका को अलग कंपनी बता रही है, जबकि संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर रही है।

यह भी पढ़ें- Bhopal Gas Tragedy से जुड़ा मामला, हाई कोर्ट ने कहा-यूनियन कार्बाइड क्षेत्र के भूजल की फिर होगी वैज्ञानिक जांच

संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि यूनियन कार्बाइड पर भारतीय कानून के तहत गंभीर धाराओं में आरोप हैं और वर्ष 1992 से उसकी भारतीय संपत्तियां कुर्क हैं। डाउ के भारतीय अदालतों में पूर्व में उपस्थित होने का भी उल्लेख किया गया। अगली सुनवाई नौ अक्टूबर को होगी। उस दिन पीड़ित संगठनों की शेष दलीलें जारी रहेंगी, जबकि सीबीआइ लिखित प्रस्तुति दाखिल करेगी।