• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भोपाल में एक नहीं, और भी है ऐशबाग जैसे अजीब डिजाइन...जो हो सकते हैं बेहद खतरनाक

भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) पर 90 डिग्री का अंधा मोड़ बनाया गया है, जो भविष्य में एक बड़ा एक्सीडेंट जोन साबित हो सकता है। नईदुनिया टीम ने रविवार को सिटी प्लानिंग विशेषज्ञ सुयश कुलश्रेष्ठ के साथ खतरनाक बने ऐशबाग आरओबी, आंबेडकर फ्लाइओवर और बावड़िया कला आरओबी पर जाकर वह गलतियां देखीं और खामियों की वजह तलाश की गई।

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 15 Jun 2025 09:40:57 PM (IST)Updated Date: Sun, 15 Jun 2025 09:40:57 PM (IST)
भोपाल में एक नहीं, और भी है ऐशबाग जैसे अजीब डिजाइन...जो हो सकते हैं बेहद खतरनाक
ऐशबाग जैसे दो और पुल हैं खतरनाक।

HighLights

  1. ऐशबाग आरओबी में बना 90 डिग्री का अंधा मोड़
  2. ऐशबाग आरओबी समेत तीन और पुल खतरनाक
  3. बेतुके डिजाइन की वजह से दुर्घटनाओं को आमंत्रण

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। 90 डिग्री अंधे मोड़ के अजूबे डिजाइन की वजह से चर्चा में आया भोपाल के ऐशबाग का रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) इंजीनियरिंग की भूल का इकलौता नमूना नहीं है। यहां पिछले पांच-छह वर्षों के दौरान बने दो और पुलों की डिजाइन में भी गंभीर खामियां हैं। ऐशबाग आरओबी समेत तीनों पुल खतरनाक मोड़ और बेतुके उतार की वजह से दुर्घटनाओं का आमंत्रण देते हैं। नईदुनिया टीम ने रविवार को सिटी प्लानिंग विशेषज्ञ सुयश कुलश्रेष्ठ के साथ खतरनाक बने ऐशबाग आरओबी, आंबेडकर फ्लाइओवर और बावड़िया कला आरओबी पर जाकर वह गलतियां देखीं और खामियों की वजह तलाश की गई।

ऐशबाग पर 300 मीटर का कर्व चाहिए था जो नहीं बना

ऐशबाग आरओबी के रेल लाइन के ऊपर के स्लैब से एप्रोच रोड को जोड़ने के लिए 200 से 300 मीटर का कर्व दिया जाना चाहिए था। वहां इंजीनियरों ने करीब 90 डिग्री का मोड़ बना दिया है। यही इस ब्रिज की सबसे बड़ी खामी है। यह मोड़ आइआरसीए के नियम के बिल्कुल विपरीत है। ऐसा मोड़ किसी भी ब्रिज में नहीं बनाया जाता। इस मोड़ की वजह से बड़े वाहन मुड़ ही नहीं पाएंगे। छोटे वाहन भी अगर तेज रफ्तार में गुजरे तो उनके अंधे मोड़ पर पुल से नीचे गिरने का खतरा है। सामने से आ रहा ट्रैफिक तो किसी को दिखेगा ही नहीं। स्लैब के ऊपर केवल ढाई फीट का फुटपाथ दिया गया है, जो अंत में जाकर दो फीट भी नहीं बचता। कोई भी सुविधाजनक ढंग से चल नहीं सकता। मानक के मुताबिक ऐसा फुटपाथ तीन से साढ़े तीन फीट का बनना चाहिए।


ठीक चौराहे पर उतर रहा है आंबेडकर फ्लाइओवर

शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके में 126 करोड़ की लागत से बना डा. भीमराव आंबेडकर सेतु भी अजूबा है। इसकी तीनों भुजाएं दुर्घटना बहुल क्षेत्र बन चुकी हैं। इसका सबसे अधिक खतरनाक हिस्सा भोपाल हाट चौराहा है। इस पुल की एक भुजा ठीक चौराहे के रेड लाइट पर उतरती है। यहां आने-जाने वाले वाहनों की भीड़ होती है। अक्सर वाहनों की टक्कर होती रहती है। गायत्री मंदिर डाक भवन के सामने चौराहे पर कोई रोटरी नहीं है। इस कारण यहां पर वाहन आमने-सामने आते हैं। मेट्रो शुरू हो जाने के बाद यहां खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।

वहीं, गणेश मंदिर की तरफ उतरने वाली भुजा से किसी दूसरे हिस्से में जाने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। नियम से चले तो सीधे सावरकर सेतु पर चढ़ना होगा। लोग अरेरा कालोनी अथवा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन जाने के लिए गलत मुड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। पुल के ऊपर भी स्लोप की गलतियां थीं, जिन्हें ठीक करने के लिए पुल को एक बार बंद किया गया था।

आरओबी सर्विस रोड पर उतरता है बावड़िया कला

बावड़िया कला रेलवे क्रासिंग पर 2019 में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से बना आरओबी गलत डिजाइन की वजह से एक्सीडेंट जोन बन चुका है। नर्मदापुरम की तरफ उतरने वाली भुजा बाग सेवनिया थाने के सामने सर्विस रोड पर उतरती है। कटारा हिल्स की तरफ से आने वाला ट्रैफिक उस पुल का इस्तेमाल करने के लिए गलत दिशा से सड़क पार कर उसपर चढ़ता है। वह उतरने वाले ट्रैफिक के लिए खतरा बन जाता है। दानापानी रोड की तरफ उतरने वाली भुजा भी एक व्यस्त चौराहे पर उतरती है। वहां हमेशा ट्रैफिक जाम रहता है। इसके अलावा आरओबी के घटिया निर्माण की वजह से कई बार पुल पर पैचवर्क किया जा चुका है।

अभी भी सुधारा जा सकता है ऐशबाग आरओबी

प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ बताते हैं कि ऐशबाग के 90 डिग्री मोड़ को चौड़ा करके सुधारा जा सकता है। ऐशबाग से पुल बोगदा की तरफ आने वाली भुजा की दूसरी तरफ पांच फीट का कर्व देने की जगह है। उधर से मोड़ को गोलाई दी जा सकती है। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो मोड़ के आसपास अधिक से अधिक ब्रेकर बनाने होंगे। 90 डिग्री मोड़ पर दोनों तरफ बड़ा आइना लगाए जाएं। रेलवे पटरी के ऊपर बने स्लैब पर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।