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मानसून में भोपाल के इन 19 गांवों पर रहेगी विशेष नजर... तीन शिफ्ट में तैनात किए अधिकारी-कर्मचारी

मानसून की दस्तक से पहले नगर निगम ने अतिवर्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। निगम ने फतेहगढ़ स्थित फायर ब्रिगेड मुख्य...और पढ़ें

By anuj mainaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 14 Jun 2026 10:04:04 PM (IST)Updated Date: Sun, 14 Jun 2026 10:04:03 PM (IST)
मानसून में भोपाल के इन 19 गांवों पर रहेगी विशेष नजर... तीन शिफ्ट में तैनात किए अधिकारी-कर्मचारी
मानसून में भोपाल के इन 19 गांवों पर रहेगी विशेष नजर

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मानसून की दस्तक से पहले नगर निगम ने अतिवर्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। निगम ने फतेहगढ़ स्थित फायर ब्रिगेड मुख्यालय में 24 घंटे संचालित होने वाला आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जो 15 जून से 15 जुलाई तक सक्रिय रहेगा। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है।

साथ ही निगम प्रशासन ने शहर के उन क्षेत्रों को भी चिह्नित किया है, जहां हर वर्ष जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। इनमें बागमुगलिया, जाटखेड़ी नाला क्षेत्र, छोला, भानपुर, रासलाखेड़ी, शिवनगर, निशातपुरा, नेवरी, पंचशील नगर सहित शहरी क्षेत्र की झुग्गी बस्तियों वाले इलाके शामिल हैं। इन बस्तियों का पानी मुख्य रूप से संजय नगर नाला, पातरा नाला, पंचशील नाला, साकेत नगर नाला, स्लाटर हाउस नाला, नया बसेरा नाला आदि से होकर निकलता है। इसके अलावा कोलार नदी के आसपास के 17 और कलियासोत डैम के आसपास के दो गांवों में भी सतत निगरानी की जाएगी।


शीर्ष अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी, सौरभ पटेल बने नोडल प्रभारी

आदेश के अनुसार, अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा को विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फायर ऑफिसर सौरभ पटेल को मुख्य नियंत्रण कक्ष का नोडल प्रभारी बनाया गया है।

वहीं, कार्यपालन यंत्री हीरेंद्र कुशवाहा को जलभराव वाले क्षेत्रों में मैदानी अमले, मशीनरी और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दायित्व दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

तीन शिफ्ट में तैनात किए अधिकारी-कर्मचारी

निगम आयुक्त के निर्देश पर जारी आदेश के अनुसार, नियंत्रण कक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। इसमें जलकार्य, सिविल, विद्युत, यांत्रिक, राजस्व, फायर ब्रिगेड, बीसीएलएल और स्मार्ट सिटी से जुड़े अधिकारियों को अलग-अलग समय पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

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नियंत्रण कक्ष का संचालन फायर ब्रिगेड मुख्यालय से होगा। यहां दिन और रात की तीन पालियों में अधिकारी मौजूद रहेंगे तथा अवकाश के दिनों में भी व्यवस्था जारी रहेगी।