'मैं मंत्री की भी नहीं सुनता... इस्तीफा जेब में रखता हूं'; भोपाल नगर निगम में एएचओ ने सीनियर अफसर को दी धमकी
विवाद के दौरान बलवीर मलिक पर वरिष्ठ अधिकारी को धमकी देने और जूता निकालकर मारने का प्रयास करने का आरोप है, जिसे दूसरे अधिकारी ने रोक दिया।
Publish Date: Sat, 22 Aug 2026 02:59:36 PM (IST)Updated Date: Sat, 22 Aug 2026 02:59:36 PM (IST)
दरोगाओं की बैठक के बाद जोन-9 के एचओ सुमंदर शर्मा और एएचओ बलवीर मलिक के बीच तीखी बहस हुई।वीडियोग्रेब।HighLights
- एचओ सुमंदर शर्मा और एएचओ बलवीर मलिक के बीच तीखी बहस
- धमकी देने और जूता निकालकर मारने का प्रयास करने का आरोप
- बलवीर मलिक ने अपनी जीप में रखा कथित इस्तीफा पत्र दिखाया
डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल नगर निगम मुख्यालय में शनिवार को अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक का मामला सामने आया। दरोगाओं की बैठक के बाद मुख्यालय के बाहर जोन-9, नरेला विधानसभा क्षेत्र के हेल्थ ऑफिसर (एचओ) सुमंदर शर्मा और असिस्टेंट हेल्थ ऑफिसर (एएचओ) बलवीर मलिक के बीच विवाद हो गया। इस दौरान दोनों अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि एएचओ बलवीर मलिक ने कथित तौर पर अपने वरिष्ठ अधिकारी सुमंदर शर्मा को धमकी दी। आरोप है कि उन्होंने यहां तक कहा कि "मैं मंत्री की भी नहीं सुनता।"
बैठक के बाद बाहर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार नगर निगम मुख्यालय में सभी दरोगाओं की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक समाप्त होने के बाद अधिकारी मुख्यालय से बाहर निकले। इसी दौरान सुमंदर शर्मा और बलवीर मलिक के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई।
बहस के दौरान माहौल काफी गर्म हो गया। आरोप है कि बलवीर मलिक ने जूता निकालकर मारने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद एक अन्य एएचओ ने उन्हें रोक लिया। घटना के दौरान आसपास मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों ने बीच-बचाव किया।
'इस्तीफा साथ रखता हूं' कहकर दिखाया पत्र
विवाद के दौरान बलवीर मलिक ने अपनी जीप में रखा एक पत्र भी दिखाया। बताया जा रहा है कि यह इस्तीफा पत्र था। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह अपना इस्तीफा साथ लेकर चलते हैं और जरूरत पड़ने पर नौकरी छोड़ सकते हैं।
घटना के बाद नगर निगम मुख्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस विवाद की चर्चा होती रही। मामला वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों के बीच विवाद से जुड़ा होने के कारण निगम के प्रशासनिक कामकाज और अनुशासन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और दोनों अधिकारियों के बीच बहस की शुरुआत किस मुद्दे से हुई, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। निगम प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।