
डिजिटल डेस्क। भोपाल रियासत के नवाब हमीदुल्ला खां की संपत्तियों को लेकर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। नवाब और उनके कानूनी वारिसों से जुड़ी इन संपत्तियों की पहचान करने के लिए भोपाल कलेक्टर द्वारा एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसे तीन महीने के भीतर अपना सर्वे पूरा कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस बीच, भोपाल सहित राज्य के 12 जिलों में मौजूद इन संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी गई है।
प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक, अकेले भोपाल में नवाब के नाम पर लगभग 1500 एकड़ निजी जमीन दर्ज है। इसमें से करीब 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा शत्रु संपत्ति के दायरे में आ सकता है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में मौजूद इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 5 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। जिला प्रशासन ने इसका पूरा ब्योरा तैयार कर लिया है कि फिलहाल इन जमीनों पर किसका कब्जा है और इसका पूरा स्टेटस केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।
इसी कार्रवाई के तहत कोहेफिजा इलाके में स्थित 'रियाज मंजिल' को सरकारी कब्जे में लेने की तैयारी शुरू कर दी गई है। खसरा नंबर 42 में दर्ज 3.40 हेक्टेयर की इस बेशकीमती जमीन का अनुमानित मूल्य 95.22 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इसे लेकर सहायक अभिरक्षक (एसडीएम बैरागढ़) की ओर से बाकायदा नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के मद्देनजर राज्य सरकार ने शत्रु संपत्तियों की जिलावार जानकारी जुटानी शुरू की थी। भोपाल के अलावा सीहोर, रायसेन, हरदा और बुरहानपुर जैसे कई अन्य जिलों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। इनमें से 10 जिलों में कस्टोडियन और सरकारी संपत्तियों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है, जबकि भोपाल और मंडला में यह काम अभी जारी है। सभी 12 जिलों की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन शत्रु संपत्तियों का मूल्यांकन मौजूदा बाजार दर, सर्किल रेट और हाल ही में हुए लेन-देन के आधार पर किया जाए। आगामी 30 अक्टूबर को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। माना जा रहा है कि इस सुनवाई के बाद केंद्र से हरी झंडी मिलते ही 3 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाली संपत्तियों की नीलामी का रास्ता साफ हो जाएगा।
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