• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

21 साल का लंबा इंतजार खत्म: भोपाल के नए मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की घोषणा, विजन-2047 से बदलेगी राजधानी की सूरत

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नियोजित विकास के लिए दो दशक से अटके नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट आखिरकार जारी कर दिया गया है।

By vaibhav shridharEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 01:42:12 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 01:59:23 PM (IST)
21 साल का लंबा इंतजार खत्म: भोपाल के नए मास्टर प्लान के ड्राफ्ट की घोषणा, विजन-2047 से बदलेगी राजधानी की सूरत
भोपाल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी

HighLights

  1. भोपाल के नए ड्राफ्ट मास्टर प्लान की घोषणा
  2. ट्रैफिक, इंफ्रा और विकास को मिलेगी नई रफ्तार
  3. विजन-2047 के साथ नए अवतार में नजर आएगा भोपाल

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नियोजित विकास के लिए दो दशक से अटके नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट आखिरकार जारी कर दिया गया है। यह नया ड्राफ्ट विजन 2047 को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें अगले दो दशकों की आबादी, बुनियादी ढांचे, ट्रांसपोर्ट और पर्यावरण की जरूरतों का ध्यान रखा गया है।

2005 से मास्टर प्लान का इंतजार

भोपाल का पिछला मास्टर प्लान वर्ष 2005 में आया था। इसके बाद से शहर तदर्थ नीतियों और सीलिंग जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों के बीच अनियंत्रित रूप से फैलता रहा, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

naidunia_image

यह भी पढ़ें- भोपाल मास्टर प्लानः नहीं बदला जा सकेगा जमीन का उपयोग, मौजूदा मास्टर प्लान ही बनेगा नए का आधार, समिति गठित करने का फैसला वापस

विशेषज्ञों का कहना है कि नियमों के तहत हर दस साल में नया मास्टर प्लान आना चाहिए और प्रत्येक पांच साल में उसकी समीक्षा अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए, लेकिन भोपाल में दो दशक तक यह प्रक्रिया अटकी रही। इधर प्रदेश में नए भूमि विकास नियम-2026 की प्रक्रिया भी समानांतर चल रही है।


1995 में लागू हुआ था पिछला मास्टर प्लान

भोपाल का पिछला मास्टर प्लान वर्ष 1995 में लागू हुआ था। तब शहर की आबादी 10 से 15 लाख के बीच थी। इसकी अवधि दिसंबर 2005 में समाप्त हो चुकी है। वर्ष 2010 में मास्टर प्लान-2021 का प्रारूप तैयार किया गया था। इसमें 813 वर्ग किमी क्षेत्र और 196 गांव शामिल किए गए थे। प्रारूप को लेकर कई आपत्तियां थीं, इसके बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

इससे शहर का सुनियोजित के स्थान पर बेतरतीब विकास हुआ। जहां-तहां मार्केट बन गए। रहवासी क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी दुकानें, माल बन गए। इससे रहवासियों को समस्या हुईं। यातायात गड़बड़ाया। जाम की स्थिति बनने लगी।