यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhopal News: RTE के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू, तीन मार्च तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
आवेदक 24 फरवरी से पांच मार्च तक पावती डाउनलोड कर सकेंगे और जन शिक्षा केंद्र जाकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन करा सकेंगे।
By Paras PandeyEdited By: Paras Pandey
Publish Date: Fri, 23 Feb 2024 08:24:28 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Feb 2024 08:24:28 PM (IST)
तीन मार्च तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदनHighLights
- सात मार्च को होगा स्कूल का आवंटन
- एसएमएस से भी किया जाएगा सूचित
भोपाल, (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश के निजी स्कूलों में शुक्रवार से निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत अभिभावक तीन मार्च तक एमपी ऑनलाइन से शिक्षा विभाग के पोर्टल पर जाकर आवेदन और त्रुटि सुधार कर सकेंगे।
आवेदक 24 फरवरी से पांच मार्च तक पावती डाउनलोड कर सकेंगे और जन शिक्षा केंद्र जाकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन करा सकेंगे।
सात मार्च को आनलाइन लाटरी के माध्यम से स्कूल का आवंटन किया जाएगा। चयनित आवेदकों को एसएमएस से भी सूचित किया जाएगा।
पहले चरण में 11 से 19 मार्च तक प्रवेश - चयनित आवेदक 11 से 19 मार्च के बीच आवंटन पत्र डाउनलोड करके आवंटित स्कूल में प्रवेश कर सकेंगे। प्रवेश लेते समय ही संबंधित निजी स्कूल द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से प्रवेश रिपोर्ट भी दर्ज की जाएगी।
द्वितीय चरण में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी और रिक्त सीटों को 21 मार्च को पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाएगा। द्वितीय चरण में 22 से 26 मार्च तक स्कूलों की च्वाइस अपडेट की जा सकेगी।
28 मार्च को द्वितीय चरण की ऑनलाइन लाटरी द्वारा स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। चयनित आवेदक 30 मार्च से पांच अप्रैल के बीच आवंटन पत्र डाउनलोड करके आवंटित स्कूल में प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे।
इस बार नियम सख्त - इस बार विद्यार्थियों की वास्तविक कुल दर्ज संख्या के आधार पर आरटीई के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया गया है।
यह स्कूलों द्वारा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की गई संख्या के आधार पर तय की जाएगी। इससे स्कूलों द्वारा सीटें कम या ज्यादा दिखाने की आशंका समाप्त हो जाएगी। इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
बता दें कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों की पहली या प्रारंभिक कक्षा की 25 प्रतिशत सीटों पर शासन द्वारा प्रवेश दिया जाता है। स्कूलों को निशुल्क शिक्षा देनी होती है, फीस की प्रतिपूर्ति शासन करता है। प्रदेश में करीब 27 हजार निजी स्कूल हैं, जिनमें करीब दो लाख सीटों पर बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश दिए जाएंगे।