
मुकेश विश्वकर्मा, भोपाल। मप्र के कलाकार दुनियाभर में अपनी कला का लोहा मनवा रहे हैं। इसी प्रकार अनमोल माथुर ने मेक्सिको में आयोजित दुनिया की सबसे बड़ी मोजेक पेंटिंग को बनाने में अहम योगदान दिया। इस कार्यक्रम में 28 देशों चित्रकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए 10 हजार स्क्वेयर फिट की मोजेक पेंटिंग तैयार कर दी। इसमें 10 हजार चित्रकारों के म्यूरल आर्ट को मिलाकर यह मोजेक पेंटिंग बनाई गई। इस मोजेक पेंटिंग को बनाने का काम 22 नवंबर 2022 में शुरू हुआ था और 23 दिसंबर 2023 को खत्म हुआ। यानी इसे तैयार करने में लगभग एक वर्ष तक का समय लगा। इसमें भारत को पहली बार शामिल किया, जिसमें कलाकार अनमोल माथुर को भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। इस दौरान अनमोल ने महिला सशक्तीकरण के ऊपर पेंटिंग बनाई। चित्र में महिलाओं को बोतल के अंदर डालते हुए मतलब आजादी से कठिनाई का सामने करते हुए दिखाया। और प्रकृति को बचाने व प्लास्टिक के रीसाइक्लिंग का भी संदेश देने की कोशिश की। अनमोल वर्तमान में छात्रों को आर्ट पेंटिंग सिखाते हैं। ललित कला के छात्र को प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।वह इंदौर से भी तालुल्क रखते हैं।
करियर में बनाए आठ विश्व रिकार्ड
इस उपलब्धि के बाद अनमोल ने अपने करियर के आठ विश्व रिकार्ड बना लिए हैं। इससे पहले उन्होंने 2020 मार्च पहला वर्ल्ड लारजेस्ट डेनिम आर्ट बनाने में अपना योगदान दिया जिसमें जिंस पर राजवाड़ा बनाया था। 2020 नवंबर में एस्ट्रा आडिनरी वर्ल्ड के तहत डिजिटल आर्ट में बुद्धा बनाया था। 2020 नवंबर को वर्ल्ड बुक आफ रिकार्ड बनाया। इसमें कोरोना पर केंद्रित पृथ्वी और मास्क को लेकर आर्ट बनाया था। 2022 जनवरी में लंदन में हुए वर्ल्ड लारजेस्ट बबल रैप में नरेंद्र मोदी और कोरोना से प्रभावित बच्चों की पेंटिंग बनाई। 2023 दिसंबर में वर्ल्ड लारजेस्ट वुमन सेल्फ डिफेंस पर पेंटिंग बनाई थी और वर्ल्ड बुक आफ रिकार्ड में नाम दर्ज किया। इसके बाद वर्ल्ड लारजेस्ट वन मिलियन ग्रेव स्टोन फोटो बनाई गई। जिसमें एक दिन में दस लाखा लोगों ने अपनी फोटो अपलोड की, इसमें भी अनमोल शामिल रहे। जिसे गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में जगह मिली।
बचपन से कर रहे चित्रकारी
वह 20 वर्ष से चित्रकारी कर रहे हैं। वह दुनिया के पहले फ्लूइड डिजिटल आर्ट यानी दृव्य कला के कलाकार हैं, जिन्होंने अपने देश के विभिन्न पारंपरिक कला को भी दिखाया और विदेशो में भी भारत को एक नई पहचान दिलाई। वह परिवार में एकलौते। उनकी मां को भी कला में दिलचस्पी थी। अनमोल पेंटिंग में काम करते रहे। स्कूल की किताबों में कला देखकर ड्राइंग बुक में पेंटिंग करना शुरू किया। पेंटिंग के लिए मां हमेशा सहयोग करती रही हैं। अनमोल ने अपनी पेंटिंग में दुनिया के पहले कलाकार का दर्जा भी प्राप्त किया है। उनके फ्लूइड डिजिटल आर्ट में पेंटिंग के सारे किरदार अलग-अलग बनावट में बने होते हैं।ब्रिटिश काउंसिल शिक्षण कौशल में अनमोल का नाम है।