Bhopal News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में भद्रा का साया होने से इस बार दो दिन भुजरियों का पर्व मनाया जा रहा है। गुरुवार को जगदीशपुर में ग्रामीणों ने भुजरिया पर्व मनाया। गांव से बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर भुजरियां लेकर चलीं। जलाशय में भुजरियां का भुजरियों को विसर्जित किया गया। भुजरिया पर रक्षाबंधन के दूसरे दिन लोगों का उत्साह देखते ही बना।
गों ने एक-दूसरे को भुजरिया देकर रक्षाबंधन पर्व की बधाई दी। शहर में कई स्थानों से छोटे-छोटे समुदाय के रूप में भुजरिया चल समारोह निकला। घाटों पर भुजरिया के विसर्जन के बाद लोग एक दूसरे को भुजरिया देते नजर आए। इसके अलावा भुजरिया पर नए व पुराने शहर से कई स्थानों महिलाएं सिर पर भुजरिया रखकर चल समारोह के रूप में निकली। मंगल गीत गाते हुए सरोवरों पर पहुंची। शहर के शीतलदास की बगिया,खटलापुरा, कालीघाट, शाहपुरा चांदबाड़ी मंदिर प्रांगण में बनी तलैया सहित अन्य स्थानों पर भुजरिया का विसर्जन किया गया।
निकलेगा किन्नरों का जुलूस
नवाबी शासन काल से भोपाल में किन्नरों का भुजरिया चल समारोह निकाला जाता है। इस बाद शुक्रवार को निकाला जाएगा। किन्नरों के गुरु सुरैया ने बताया कि मंगलवारा से शनिवार की दोपहर 12 बजे चल समारोह निकलेगा। जुलूस जुमेराती गेट, लोहा बाजार, चौक, होते हुए गुफा मंदिर पर समापन होगा। इधर दूसरा चल समारोह भी बुधवारा से होते हुए भवानी चौक सोमवारा पर आकर मिल जाएगा। फिर दोनों क्षेत्र का चल समारोह आगे-पीछे चलते हुए गुफा मंदिर पर जाकर मिलेगा। इसमें बड़ी संख्या में किन्नर शामिल होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था में कमी पर नाराजगी
भुजरिया पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था में कमी पर ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों ने बताया कि इतने बड़े जुलूस के अवसर पर केवल दो पुलिसकर्मी तैनात करके बला टाल दी गई। बड़ी संख्या में महिलाएं भुजरिया पर्व में शामिल हुई थीं, लेकिन एक भी महिला पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं की गई। बता दें कि पूर्व में भुजरियां पर्व के दौरान पत्थरबाजी हो गई थी, तब से यहां के ग्रामीण ईटखेड़ी पुलिस से भुजरियां पर्व से पहले से पुलिस की तैनाती की मांग करते है, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा-व्यवस्था के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की।