यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhopal News: शहर की बस्तियों में लगेंगे सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर, सेहत संबंधी जांचों के साथ आयुष्मान, आभा कार्ड भी बनेंगे
शहर की 60 बस्तियों में 18 जुलाई तक चलेगा सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने का क्रम। प्रत्येक गुरुवार को लगाए जाएंगे शिविर। इन सामुदायिक स्वास्थ्य शि...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 26 Jun 2024 11:44:39 AM (IST)Updated Date: Wed, 26 Jun 2024 11:44:39 AM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- इससे पूर्व श्रमिक पीठों और रैन बसेरों में भी लगाए जा चुके हैं स्वास्थ्य शिविर।
- शिविरों में नियमित टीकाकरण, जापानी इंसेफेलाइटिस टीकाकरण एवं वयस्क बीसीजी टीकाकरण जैसी सेवाएं दी जाएंगी।
- गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों की जांच हीमोग्लोबीनोमीटर से की जाएगी। एनीमिया की करेंगे पहचान।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में श्रमिक पीठों और रैन बसेरों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग बस्ती क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने जा रहा है। इसकी शुरुआत गुरुवार, 27 जून यानी कल से होगी। ये शिविर हर गुरुवार को निर्धारित बस्ती क्षेत्र में आयोजित होंगे।
सीएमएचओ डा. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि इन शिविरों में बीमारियों की जांच व उपचार दिया जाएगा। इसके साथ-साथ रेफरल और रेफरल के बाद फालोअप भी किया जाएगा। यह शिविर 60 बस्तियों में 18 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों में हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण, निश्शुल्क जांच एवं दवा वितरण, असंचारी रोगों की स्क्रीनिंग, एएनसी जांच, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्ह्यांकन, कुपोषित बच्चों का चिन्ह्यांकन एवं रेफरल, आभा आईडी एवं आयुष्मान कार्ड बनाना एवं ई केवाईसी, नियमित टीकाकरण, जापानी इंसेफेलाइटिस टीकाकरण एवं वयस्क बीसीजी टीकाकरण जैसी सेवाएं दी जाएंगी।
इसके अलावा शिविरों में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, प्रथम तिमाही में पंजीयन एवं अपडेशन सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की समग्र आईडी, बैंक खाता आईएफएससी कोड सहित सभी जानकारी भी प्रविष्ट भी की जाएगी। जन्म से 5 साल तक के बच्चों के टीकाकरण के लिए लाइन लिस्टिंग एवं जापानी इंसेफेलाइटिस एवं बीसीजी टीकाकरण के लिए हितग्राहियों को मोबिलाइज कर टीकाकृत किया जाएगा।
शिविरों में कुपोषित बच्चों एवं अन्य बीमारियों के चिन्हित बच्चों को भी शिविर में उपचार के लिए चिह्नित किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि गर्भवती महिला के सुरक्षित प्रसव होने तक फॉलोअप एवं जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजना के भुगतान हो सके।
सामुदायिक स्वास्थ्य शिविरों में टीबी, कुष्ठ रोग, हाइपरटेंशन, मधुमेह एवं कैंसर के मरीजों को चिह्नित कर रेफरल एवं उपचार किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों की जांच हीमोग्लोबीनोमीटर से की जाएगी। जांच के पश्चात मॉडरेट एनीमिया, गंभीर एनीमिया, प्रेगनेंसी इंड्यूस्ड हाइपरटेंशन चिह्नित कर ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा भी दी जाएगी।