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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal News: मैनिट में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने का जतन, छात्रावास में बायोगैस डाइजेस्टर स्थापित

स्वच्छता बढ़ाने और ईंधन संरक्षण के लिए डिजाइन किया गया बायोगैस डाइजेस्टर खाद्य अपशिष्ट और गोबर से प्रतिदिन पांच किलोग्राम तक बायोगैस का उत्पादन करने क...और पढ़ें

By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Tue, 30 Apr 2024 11:06:03 AM (IST)Updated Date: Tue, 30 Apr 2024 11:06:03 AM (IST)
Bhopal News: मैनिट में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने का जतन, छात्रावास में बायोगैस डाइजेस्टर स्थापित

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर में स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के ऊर्जा केंद्र ने हास्टल नंबर आठ में बायोगैस डाइजेस्टर को सफलतापूर्वक स्थापित करके पर्यावरण अनुकूलता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। मैनिट के निदेशक डा. केके शुक्ला के मार्गदर्शन में यह एक महत्वपूर्ण पहल हुई है।

ऊर्जा केंद्र के विभागाध्यक्ष डा. प्रशांत बारेदार और सहायक प्राध्यापक डा. गौरव द्विवेदी और होस्टल वार्डन डा. टिकेंद्र नाथ वर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना को साकार किया गया। तकनीकी सहायक राजकुमार दीक्षित एवं रिसर्च स्कालर राहुल कुमार और उनकी टीम ने स्थापना की योजना बनाई और उसे क्रियान्वित किया। इसमें जमीनी स्तर पर 103 बाय 15 माप का आधार बनाना शामिल था, जिसमें रसोई 30 फीट की दूरी पर स्थित थी। स्वच्छता बढ़ाने और ईंधन संरक्षण के लिए डिजाइन किया गया बायोगैस डाइजेस्टर खाद्य अपशिष्ट और गोबर से प्रतिदिन पांच किलोग्राम तक बायोगैस का उत्पादन करने की क्षमता रखता है। प्रो प्रशांत बारेदार ने पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन पर अंकुश लगाने के मैनिट के दृष्टिकोण के साथ इस पहल को रेखांकित किया।


मासिक खर्च में बचत होगी

डा. गौरव द्विवेदी और डा. टिकेंद्र नाथ वर्मा ने बायोगैस डाइजेस्टर की लागत और प्रभावशीलता का अध्ययन कर पाया कि इसके माध्यम से मासिक खर्चों को काफी कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एक छात्रावास के मेस में आमतौर पर प्रतिदिन 60 किलोग्राम गैस की खपत होती है। इस हिसाब से लगभग पांच लाख रुपये प्रति माह खर्च आता है। बायोगैस डाइजेस्टर की स्थापना के माध्यम से हम पर्याप्त बचत कर सकते हैं। टीम का लक्ष्य लागत कम करना तथा अन्य संस्थानों और छात्रावासों तक इस तकनीक की पहुंच बढ़ाना है। उनका इरादा बायोगैस डाइजेस्टर के कार्यान्वयन को अन्य छात्रावासों और पूरे मैनिट परिसर में विस्तारित करने का है, जिससे संस्थान के पर्यावरणीय प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।