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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal News: उम्र के आखिरी पड़ाव में मिला जीवन साथी, परिवार वाले तैयार नहीं थे, महिला थाने में हुई शादी

Bhopal News: 62 वर्षीय सतना के प्रिंस‍िपल और भोपाल की 54 वर्षीय एलआईसी एजेंट की बनी जोड़ी।

By Brijendra RishishwarEdited By: Lalit Katariya
Publish Date: Thu, 11 Jan 2024 08:43:05 PM (IST)Updated Date: Thu, 11 Jan 2024 08:43:05 PM (IST)
Bhopal News: उम्र के आखिरी पड़ाव में मिला जीवन साथी, परिवार वाले तैयार नहीं थे, महिला थाने में हुई शादी

HighLights

  1. women's police station.

Bhopal News: भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि। समाज में ऐसे उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं जब उम्र के आखिरी पड़ाव में पहुंचकर कोई किसी को अपना जीवन साथी बना ले। ऐसा ही मामला शहर में सामने आया है जिसमें बराती और घराती बनकर महिला थाना प्रभारी शिल्पा कौरव और उनकी टीम ने उम्र दराज जोड़ी को धूमधाम से विदा किया।

यह कहानी सतना के सरकारी स्कूल में प्रिंसि‍पल संतराम द्विवेदी उम्र 62 वर्ष एवं भोपाल में जीवन बीमा एजेंट का काम करने वाली 54 वर्षीय सुमन मिश्रा की है। एक पारिवारिक कार्यक्रम में संपर्क होने के बाद दोनों को एक दूसरे के विचार पसंद आए। इसके बाद आपसी रजामंदी से दोनों ने एक दूसरे को अपना जीवन साथी बनाने का फैसला कर लिया। यह फैसला आसान नहीं था क्योंकि दोनों के स्वजनों में दो-दो पुत्र मौजूद थे जो इस विवाह के पक्ष में नहीं थे। आखिर यह मामला भोपाल महिला थाना पहुंचा जहां सभी पक्षों को एक कमरे में बिठाकर आपसी रजामंदी के बाद बात बन गई। बस फिर क्या था जोड़े ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई और जीवन भर साथ निभाने की कसम खाई।


परिवार को मनाना आसान नहीं था

संतराम द्विवेदी एवं सुमन मिश्रा का फैसला उनके परिवार को बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा था। संतलाल द्विवेदी की पत्नी की मृत्यु वर्ष 2016 में हो गई थी जबकि सुमन मिश्रा के पति का निधन वर्ष 2016 में हुआ था। दोनों का भरा पूरा परिवार है जो इस शादी के लिए तैयार नहीं था। विवाद जब बढ़ने लगा तो यह मामला महिला थाने आया। टीआइ कौरव ने बेटों को बुलाकर उनसे चर्चा की। बाद में रिश्तेदारों को बुलाया गया और उनकी राय जानी गई। काउंसलिंग में बुजुर्ग दंपति के भविष्य का हवाला देकर सभी को आखिर राजी कर लिया गया। सभी के हामी भरते ही मिठाई और दोनों को कानूनी रूप से एक दूसरे का बना दिया गया।

संपत्ति कर दी बच्चों के नाम

संतराम द्विवेदी एवं सुमन मिश्रा ने अपनी पूरी संपत्ति अपने बच्चों के नाम कर दी है। पुलिस को दिए कथन में दोनों ने कहा कि उन्हें संपत्ति का कोई प्रलोभन नहीं है वह शांति से अपना जीवन बिताना चाहते हैं। संतराम द्विवेदी सतना के सरकारी स्कूल में प्रिंसीपल हैं। दो साल बाद वह सेवानिवृत्त हो जाएगे, उनका मानना है कि वह अपनी पेंशन से दोनों का भरण पोषण आसानी से कर लेंगे।