यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhopal News: इंस्टाग्राम पर पेज ईमानदारी का, धंधा आनलाइन धोखाधड़ी का, साइबर क्राइम ब्रांच ने गिरोह के पांच सदस्यों को किया गिरफ्तार
एप्पल का महंगा आइफोन सस्ते में बेचने के नाम कर रहे थे ठगी। वर्षभर में करीब सौ लोगों से बनाया शिकार। आनलाइन खाते में रकम आने के बाद एटीएम से निकालकर दू...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 18 Jun 2024 02:26:40 PM (IST)Updated Date: Tue, 18 Jun 2024 02:26:40 PM (IST)
HighLights
- एक आरोपित को दिल्ली और पांच को निवाड़ी जिले से किया गिरफ्तार।
- कटारा हिल्स में रहने वाली एक छात्रा ने दर्ज कराई थी शिकायत।
- आरोपितों ने उसके साथ 1 लाख 89 हजार रुपये की ठगी की थी।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। साइबर क्राइम ब्रांच ने आनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपितों दिल्ली और प्रदेश के निवाड़ी जिले से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इंटरनेट मीडिया के माध्यम इंस्टाग्राम पर एप्पल कंपनी के आइफोन फोन को सस्ते में बेचने का झांसा देता था। इसके लिए इंस्टाग्राम पर ईमानदारी (Integrity) मोबाइल के नाम से एक पेज बना रखा था, जिस पर ग्राहक के संपर्क कर उससे पंजीयन के नाम पर पहले 5999 नाम से शुल्क जमा करवाते थे। बाद में ग्राहक से जीएसटी, कस्टम के नाम पर वसूली की जाती थी। ग्राहक सस्ते आइफोन के लालच में रुपये देता चला जाता था। गिरोह एक खाते में रुपये आने के बाद उसे तत्काल एटीएम से निकालकर दूसरे खातों में जमा कर देता था। साइबर क्राइम पुलिस को अंदेशा है कि यह एक वर्ष से ठगी का धंधा कर रहा था और उसने सौ से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाकर उनसे ठगी की है।
इस तरह करते थे ठगी
साइबर क्राइम पुलिस के मुताबिक कटारा हिल्स निवासी एक छात्रा ने 13 मई को शिकायत की थी। उसमें उसने बताया कि वह पिछले दिनों एप्पल फोन खरीदना चाह रही थी। उसे इंटरनेट मीडिया के माध्यम इंस्टाग्राम पर एक पेज पर वफादारी (Integrity) मोबाइल नजर आया। जहां पर तकरीबन एक लाख रुपये का आइफोन 30 हजार रुपये में मिलने का विज्ञापन था। उसे वह आफर अच्छा लगा और उसने पेज के नीचे लिखे एक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया और जिस पर ग्राम गणेशपुरा जिला टीकमगढ़ निवासी आशीष यादव से बात हुई। वह दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन में रहता है। उसने छात्रा से पहले पंजीयन कर निर्धारित रुपये जमा करवाया और बाद में मोबाइल फोन बुक करने के नाम पर रुपये जमा करवाए। एक बार रुपये जमा करवाने के बाद उसने उनको कस्टम और अन्य शुल्क जमा करवाया। रुपये ज्यादा होने पर छात्रा ने मोबाइल लेने से इनकार किया तो आरोपित ने उसे रुपये वापस करने का झांसा देकर उसे आर्डर कैंसिल करने के नाम पर और रुपये मांगे। इस तरह से उसने करीब 1,88,999 रुपये की धोखाधड़ी कर दी। ठगी का एहसास होने पर छात्रा ने साइबर क्राइम में शिकायत की। जिस पर एफआइआर दर्ज कर आरोपित की तलाश की गई।
गिरोह तक ऐसे पहुंची पुलिस
वाट्सएप नंबर एवं इंस्टाग्राम आइडी के वास्तविक उपयोगकर्ता की तकनीकी जानकारी प्राप्त कर पुलिस आरोपितों तक पहुंच गई। मुख्य आरोपित आशीष यादव को दिल्ली एवं अन्य आरोपित अंकित नामदेव, अंकित कुमार, अभिषेक सिंह पिता भारत सिंह और अभिषेक यादव पिता हरेंद्र यादव को निवाड़ी से गिरफ्तार किया गया एवं अपराध में प्रयुक्त सात मोबाइल, 11 सिम कार्ड, दो बैंक पासबुक, पांच चेकबुक, तीन मोबाइल बिल बुक एवं 10 विभिन्न बैंको के एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं।
रुपये एक बार खाते में आने बाद निकाल लेते थे
आनलाइन ठगी के लिए यह गिरोह किराये के बैंक खातों का उपयोग कर रहा था। खाते से दूसरे खाते रुपये जमा करने से पकड़ने का डर रहता था। इसलिए एक बार खाते में रुपये आने के बाद वह उसे निकालकर दूसरे खाते में जमा करते थे। ताकि रुपयों की आनलाइन ट्रेल को तोडा जा सके। आरोपित ग्राहक से संपर्क करने के बाद उसे भरोसे में लेने के लिए उसे तैयार किया गया फर्जी पक्का बिल भेज देते थे। बादइ में उनसे कस्टम ड्यटी, जीएसटी एवं विभिन्न प्रकार के चार्ज के नाम पर धोखाधडी की जाती है। खाते में पैसा आने के बाद अभिषेक यादव एवं अंकित कुमार के द्वारा एटीएम से पैसा नगद निकाल कर अन्य खातो में जमा कर दिया जाता है।