भोपाल (राज्य ब्यूरो)। प्रतिबंधित आतंकी संगठन आइएसआइएस से जुड़ा कासिफ भोपाल में बड़ा धमाका करने की तैयारी में था। रानी कमलापति स्टेशन उसके निशाने पर था। इसके अलावा भोपाल में ही वह भीड़भाड़ वाली दूसरी जगह भी देख रहा था, जहां विस्फोट कर सके। वह कई बार भोपाल आ चुका था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने रविवार को उसे जबलपुर से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए न्यायालय से पुलिस हिरासत में लिया है।
वह जबलपुर का ही रहने वाला है। एनआइए ने इसी वर्ष मई में आइएसआइएस का जबलपुर माड्यूल चलाने वाले सैयद मामूर अली, माेहम्मद आदिल खान और मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के बाद एनआइए की कासिफ पर नजर थी। इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद संगठन ने कासिफ को आगे बढ़ाया। पूरे प्रदेश में संगठन के विस्तार की जिम्मेदारी उसे दी थी।
वह भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को बरगलाकर उन्हें कट्टरपंथी बना रहा था। इसके लिए 'दावा' कार्यक्रम चला रहा था। यह सभा की तरह होता था। इंटरनेट मीडिया के साथ ही प्रत्यक्ष तौर पर भी लोगों से मिलकर आइएसआइएस की प्रचार सामग्री बांटता था। जांच एजेंसी के सूत्रों ने यह भी बताया कि कासिफ भोपाल के पास देलावाड़ी के जंगल में कई प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित कर चुका था। इन शिविराें में हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जाता था। अब वहां की जगह भोपाल-विदिशा रोड में कहीं और प्रशिक्षण शिविर के लिए जगह देख रहा था। उसे संगठन चलाने के लिए फंड जुटाने में भी लगा था।