Bhopal News: पुल बोगदा पर बनेगा मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन
यात्रियों को दूसरे रुट की मेट्रो पकड़ने में होगी आसानी। इंटरचेंज स्टेशन में आने वाली ट्रेन की समय सारणी इस प्रकार निर्धारित की जाएगी, जिससे दोनों रूट पर निकलने वाले मेट्रो के समय में अधिक अंतर ना हो। जिससे यात्रियों को भी अधिक देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
By Ravindra Soni
Edited By: Ravindra Soni
Publish Date: Fri, 11 Nov 2022 08:25:15 AM (IST)
Updated Date: Fri, 11 Nov 2022 08:25:15 AM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में मेट्रो परियोजना के तहत एम्स से करोंद तक पर्पल लाइन और रत्नागिरी तिराहे से भदभदा तक रेड लाइन बिछाई जाना है। इन दोनों रूट को एक स्थान पर जोड़ने के लिए पुल बोगदा पर मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन या जंक्शन बनाया जाएगा। इससे रायसेन रोड के जाने वाले लोगों को नर्मदापुरम रोड तक जाने और पुराने शहर से रायसेन रोड या भदभदा की ओर जाने के लिए अलग- अलग टिकट नहीं खरीदनी पड़ेगी। वहीं यात्री बिना स्टेशन से नीचे उतरे मेट्रो बदल सकेंगे। इससे उनके समय की बचत होगी। साथ ही ऐसा करने से मेट्रो कंपनी का खर्च भी बचेगा।
बता दें कि अभी भोपाल मेट्रो के प्रायरिटी निर्माण का कार्य किया जा रहा है। सात किमी के इस कारिडोर का सिविल वर्क 95 प्रतिशत पूरा हो गया है। यह पर्पल कारिडोर होगा, जो एम्स से करोंद चौराहे तक जाएगा। इसकी पूरी लंबाई 16.8 किलोमीटर की होगी। वहीं भेल के रत्नागिरी तिराहे से भदभदा चौराहे तक 14.2 किलोमीटर की रेड लाइन बिछाई जाएगी। ये दोनों लाइन पुल बोगदा के पास एक दूसरे को क्रास करेंगी। इसलिए यहां पर मेट्रो का इंटरचेंज स्टेशन बनाया जाएगा। इससे भेल और भदभदा क्षेत्र के रहवासियों को पुराने भोपाल और नर्मदापुरम रोड की कालोनियों में जाने के लिए स्टेशन नहीं बदलना पड़ेगा। बल्कि इसी इंटरचेंज स्टेशन से यात्रियों को दूसरे रूट की ट्रेन मिल जाएगी।
मेट्रो का एक स्टेशन बनाने में 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आता है। यदि दो स्टेशन बनते हैं, तो यह खर्च दोगुना होता है। लेकिन यह इंटरचेंज स्टेशन बनाने से दो स्टेशन बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जिससे मेट्रो कंपनी के धन की बचत भी होगी।
मेट्रो के लिए नहीं करना होगा लंबा इंतजार
इंटरचेंज स्टेशन में आने वाली ट्रेन की समय सारणी इस प्रकार निर्धारित की जाएगी, जिससे दोनों रूट पर निकलने वाले मेट्रो के समय में अधिक अंतर ना हो। जिससे यात्रियों को भी अधिक देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यात्री एक प्लेटफार्म से ऊपर चढ़कर दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंच जाएगा।
आवाजाही अधिक होने से बढ़ेगा राजस्व
यहां से दो रूट निकलने से मेट्रो स्टेशन में अधिक आवाजाही होगी। जिससे यहां मेट्रो कंपनी यहां व्यावसायिक काम्प्लेक्स का निर्माण भी करेगी। इनकी दुकान और अन्य कामर्शियल स्पेश के किराए से कंपनी को अतिरिक्त आय भी होगी।
पुल बोगदा पर भोपाल मेट्रो का पहला इंटर एक्सचेंज स्टेशन बनाया जाएगा। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी। उन्हें दूसरी रूट में जाने के लिए स्टेशन नहीं बदलना पड़ेगा।
- शोभित टंडन, अतिरिक्त निदेशक मप्र मेट्रो रेल