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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal News: मलेरिया को खत्म करने यूरोप से आई दो अरब रुपए की मच्छरदानियां

Bhopal News: जानकारी के मुताबिक विशेष रूप से निर्मित यह मच्छरदानी पूरी तरह मेडिकेटेड हैं, इसमें डेल्टा मैथरीन दवा का उपयोग किया गया है।

By amitkumar sharmaEdited By: Lalit Katariya
Publish Date: Sun, 31 Dec 2023 10:50:24 AM (IST)Updated Date: Sun, 31 Dec 2023 10:50:24 AM (IST)
Bhopal News: मलेरिया को खत्म करने यूरोप से आई दो अरब रुपए की मच्छरदानियां

HighLights

  1. प्रदेश भर में नए साल से बांटी जाएंगी करीब करोड़ मच्छरदानियां
  2. राजधानी में 1.5 लाख परिवारों को मिलेगी

Bhopal News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश से मलेरिया को पूरी तरह खत्म करने के लिए अब वेटिकन सिटी की विशेष मच्छरदानियों का उपयोग किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक केन्द्र सरकार ने प्रदेश को करीब एक करोड़ (96 लाख) मच्छरदानियां दी हैं। इन्हें नए साल से मलेरिया के प्रकोप वाले इलाकों में वितरित किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक वेटिकन सिटी ने केन्द्र सरकार को यह मच्छरदानियां दी हैं। भोपाल में भी करीब 1.5 लाख मच्छरदानियां बांटी जानी है। मालूम हो कि इस साल प्रदेश में मलेरिया के ढाई हजार मामले सामने आए हैं। केन्द्र सरकार 2030 तक मलेरिया को पूरी तरह खत्म करना चाहता है। जानकारी के मुताबिक विशेष रूप से निर्मित यह मच्छरदानी पूरी तरह मेडिकेटेड हैं, इसमें डेल्टा मैथरीन दवा का उपयोग किया गया है। 20 धुलाई तक दवा का असर मच्छरदानी में रहता है वहीं पांच साल तक इसका उपयोग किया जा सकता है।

मच्छरदानी की कीमत 200 रुपए

इन्हें एक जनवरी से बांटा जाएगा। एक मच्छरदानी की कीमत 200 सौ रुपए है। इस तरह 96 लाख मच्छरदानियों के लिए करीब करीब दो अरब रुपए है। मच्छरदानी को मेडिकेट करने के लिए डेल्टा मेथ्रिल सेल्यूशन 2. 5 रसायन के घोल में डुबोना होता है। इससे एक पांच साल तक मच्छर मच्छरदानी के आसपास भी नहीं फटकते। यह रसायन बाजार में भी मिलता है।


तीन साइज में मच्छरदानी

मेडिकेटेड मच्छरदानियां तीन साइज की हैं, साइज एक एक व्यक्ति के लिए, साइज दो-दो व्यक्तियों के लिए व साइज तीन में तीन से अधिक लोग सो सकते हैं। 2019 में भी प्रदेश में 62 लाख मच्छरदानियां बांटी गई थीं। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. हिमांशु जयसवार ने बताया कि जहां मलेरिया व डेंगू के रोगी मिल चुके है वहां मच्छरदानी देने में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं गर्भवती व पांच साल के छोटे बच्चों को भी प्राथमिकता देंगे। स्वास्थ्य विभाग सर्वे कर रहा है। वितरण के लिए आशा कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी गई है।

भोपाल में 150 मरीज

मच्छरदानियों को बांटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक का उपयोग किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 1000 लोगों पर एक मरीज वाले इलाके में ही मच्छरदानियां दी जानी है। भोपाल जिले इस साल मलेरिया के महज 150 मामले ही सामने आए हैं।