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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal News: भोपाल शहर में एक दिन में 164 लोगों का हुआ अंतिम संस्कार

Bhopal News : भदभदा विश्राम घाट व सुभाष नगर विश्राम घाट में अब कम पडने लगी अंतिम संस्कार के लिए जगह।

By Lalit KatariyaEdited By: Lalit Katariya
Publish Date: Sun, 25 Apr 2021 12:13:59 PM (IST)Updated Date: Sun, 25 Apr 2021 12:29:27 PM (IST)
Bhopal News: भोपाल शहर में एक दिन में 164 लोगों का हुआ अंतिम संस्कार

भोपाल। (नवदुनिया प्रतिनिधि) कोरोना संक्रमण के चलते राजधानी में होने वाली मौत का सिलसिला रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है। विगत दो सप्ताह से मौत का आंकडा 100 के ऊपर ही बना हुआ है। शनिवार को भी राजधानी में अब तक के सर्वाधिक 164 संक्रमित मरीजों की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार विश्राम घाटों में किया गया। इन सभी शवों का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकाल के तहत किया गया है। इसमें से सबसे ज्यादा 100 संक्रमित देह का अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट में किया गया। भदभदा विश्राम घाट समिति के सचिव मम्तेश शर्मा ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब एक ही दिन में 100 संक्रमित देहों का अंतिम संस्कार किया गया। इधर, सुभाष नगर विश्राम घाट में 41 संक्रमित देह का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं बैरागढ विश्राम घाट में आठ संक्रमित देह का अंतिम संस्कार किया गया। जहांगीराबाद स्थित झदा कब्रस्तान में 15 संक्रमित शवों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सुपुर्द ए खाक किया गया। अब तो यह स्थिति बनने लगी है कि विश्राम घाटों में चिता जलाने के लिए जगह कम पडने लगी है।

72 घंटे से अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहा उमेश राजपूत का शव

भोपाल। कुछ तो मजबूरिया होंगी यूं ही कोई बेवफा नहीं होता। आपने यह पंक्ति तो सुनी होगी, लेकिन कोरोना संक्रमण ने अपनों को ही अपनों से दूर कर दिया है। एक हस्ता खेलता परिवार जो कि 10 दिन पहले कोरोना की चपेट में आया। 51 वर्षीय पिता और 45 वर्षीय मां के साथ ही 26 वर्षीय मिसरोद निवासी उमेश राजपूत की भी रिपोर्ट 10 दिन पहले पॉजिटिव आई। सभी को हमीदिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पांच दिन पहले पिता की मृत्यु होने के दूसरे ही दिन 45 वर्षीय मां की भी संक्रमण के कारण मौत हो गई। यह सदमा 26 वर्षीय युवक झेल नहीं पाया। माता पिता का अंतिम संस्कार उमेश की बहन ने किया। इसके बाद उमेश की भी तबीयत बिगडने लगी। अंतत: तीन दिन पहले उमेश ने भी कोरोना संक्रमण से घबराकर अपनी अंतिम सांस ले ली, लेकिन तीन दिन से उमेश का शव अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहा है।


ऐसा इसलिए क्योकि माता- पिता का अंतिम संस्कार तो बहन ने कर दिया लेकिन अब भाई की मौत की बात सुनने के बाद उसकी हिम्मत जवाब दे गई और उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। तीन दिन से उमेश का शव माच्यूरी में रखा हुआ है कि कब उसके परिजन आएंगे और उसका अंतिम संस्कार हो पाएगा। इसके लिए हमीदिया प्रबंधन से लेकर जिला प्रशासन के अफसरों ने कई दफे अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने के लिए फोन पर सूचना देनी चाही लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद भी बहन ने कोई उत्तर नहीं दिया। हालांकि बताया जा रहा है कि बहन की शादी हो चुकी है और वह मंडीदीप में रहती है। पूरा परिवार बिखरने का सदमा वह झेल नहीं पाई। अब प्रशासन कल 12 बजे तक इंतजार करेगा। इसके बाद उमेश का अंतिम संस्कार प्रशासन द्वारा करवाया जाएगा।