यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhopal News: एनआरआइ की पहली पंसद बना शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का पंचकर्म सेंटर
पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक अस्पताल में है देश का पहला सरकारी पंचकर्म सेंटर। अब तक देश व विदेश के लगभग तीन हजार लोगों ने कराया इलाज।
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Fri, 17 Nov 2023 12:31:35 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Nov 2023 12:31:35 PM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। शहर और देश का पहला पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक अस्पताल पंचकर्म के लिहाज से देश और विदेशियों के बीच पहली पसंद बनता जा रहा है। यहां देशभर के कोने-कोने से लोग आयुर्वेदिक की मदद से अपनी जीवनशैली के साथ उपचार करने पहुंच रहे हैं। खासकर यहां विदेशों में बसे एनआरआइ भी पहुंच रहे हैं। उनके साथ वहां बसे विदेशी भी अपना इलाज करवाने पहुंचे रहे हैं। कलियासोत पहाड़ी पर बने पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक अस्पताल के पंचकर्म सेंटर अब तक लगभग तीन हजार के करीब लोगों ने पंचकर्म कराकर फायदा ले चुके हैं, जिसमें से करीब 55 से 65 लोग ऐसे थे जो दूसरे देशों के नागरिक हैं और भोपाल में इलाज कराने आ चुके हैं। साथ ही करीब 20 फीसदी लोग दूसरे राज्य से यहां आते हैं।
पंचकर्म की है पूरी सुविधाएं
इस सेंटर में पंचकर्म की पूरी सुविधाएं हैं, इसे 10 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया था। इससे सीख लेते हुए कई अन्य प्रदेश भी इस तरह का सेंटर खोलने की तैयारी कर रहे हैं। प्राचार्य डा. उमेश शुक्ला के अनुसार यहां हृदय, लिवर, मधुमेह, तनाव जैसी बीमारी ग्रसित लोग आते हैं, जो खराब जीवनशैली के चलते परेशान हैं। इसी के चलते लोग यहां अपने शरीर को राहत देने के लिए पचंकर्म कराने पहुंच रहे हैं।
पांच से छह दिन तक रुकते हैं
यहां लोग पांच से नौ दिन तक रुकते हैं, इसके चलते यहां बुकिंग के लिए लंबी वेटिंग रहती है। एक बार के डिटाक्सिफिकेशन में नौ दिन का समय लगता है। जिसमें डीलक्स रूम की फैसिलिट, पंचकर्म, डाइट, योगा, फीजियोथेरैपी और अन्य चीजें शामिल हैं। इस प्रक्रिया में लगभग 30 हजार का खर्च आता है। वेलनेस वाक की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए महाविद्यालय परिसर में ही औषधी पौधों वाला एक छोटा गार्डन है।
मिलती है औषधि की जानकारी
पंचकर्म सेंटर और आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों व वेलनेस सीकर को औषधीय पौधों की जानकारी दी जाती है, इसके जरिए वे अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अपने आगे के जीवन में औषधी पौधों का उपयोग कर खुद को स्वास्थ्य रख पाते हैं। इसमें संगीत, चित्रकारी, योग, समेत प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव व अन्य चीजों को भी शामिल करने की तैयारी की जा रही है। यहां न्यूरो मस्क्यूलर रोग, सांधि रोग, त्वचा रोग, स्थोल्य व मानसिक रोग के मरीजों की संख्या ज्यादा है।
ये है व्यवस्था
यहां सेमी प्राइवेट वार्ड में कुल 30 बेड हैं, जिसमें 700 रुपए प्रतिदिन का खर्चा होता है। इसमें भोजन शामिल नहीं है। डीलक्स रूम कुल 17 हैं, जिसका 3500 रुपए प्रतिदिन का खर्च है। इसमें भोजन, रुकने से लेकर पंचकर्म भी शामिल है। सुपर डीलक्स तीन रूम हैं, जिसका प्रतिदिन का खर्चा 4900 रुपए है। इसमें भोजन और रुकने से लेकर पंचकर्म शामिल की सुविधा है।