Bhopal News: बार-बार बदल रहा बीमारियों का पैटर्न, वायरल इंफेक्शन के मरीज को पोस्ट ब्रोन्काइटिस एलर्जी की शिकायत, लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव
एक महीने में जेपी और हमीदिया अस्पताल में करीब सवा लाख मरीज पहुंचे। जिसमें से आधे मौसमी बीमारियों के। ...और पढ़ें
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Sun, 25 Feb 2024 11:48:21 AM (IST)Updated Date: Sun, 25 Feb 2024 02:53:12 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- सामान्य सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज एक सप्ताह में ठीक हो रहे हैं।
- ब्रोन्काइटिस एलर्जी से परेशान मरीजों में खांसी तीन से चार हफ्ते में भी ठीक नहीं हो रही।
- ऐसे मरीजों पर सामान्य दवाएं भी कम असरदार साबित हो रही हैं।
भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। मौसम में बार बार बदलाव हो रहे हैं। इस बदलाव का असर सीधा असर लोगों की सेहत पर हो रहा है। बार-बार मौसम बदलने से बीमारियों के पैटर्न में भी बदलाव हो रहा है। अस्पताल पहुंचाने वाले वायरल फीवर के मरीज भी लंबे समय तक ठीक नहीं हो पा रहे। इस बार वायरल का पैटर्न ठीक कोविड की तरह ही है। जिस तरह कोविड के लोग बाद पोस्ट कोविड संक्रमण से जूझ रहे थे, ठीक उसी तरह अब सामान्य वायरल मरीज पोस्ट वायरल एलर्जी से परेशान हो रहे हैं। यही नहीं इनमें भी सबसे ज्यादा ब्रोन्काइटिस एलर्जी यानि फैफड़ों में एलर्जी के केस हैं। सामान्य सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज तो एक सप्ताह में ठीक हो रहे हैं, लेकिन ब्रोन्काइटिस एलर्जी से खांसी तीन से चार हफ्ते में भी ठीक नहीं हो रही। मौसमी बीमारियों का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि पिछले एक महीने में हमीदिया और जेपी अस्पताल की ओपीडी में करीब सवा लाख लोग इलाज कराने पहुंचे, इनमें से आधे मौसमी बीमारियों से पीड़ित थे।
रिपोर्ट भी नेगेटिव, इसलिए परेशानी ज्यादा
गांधी मेडिकल कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. पराग शर्मा के मुताबिक ओपीडी में बुखार-गले में खराश या सामान्य वायरल के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इनमें से 10 में से 4 में पोस्ट ब्रोन्काइटिस एलर्जी देखने को मिल रही है। वायरल से सूखी खांसी चलनी शुरू हो रही है, जो दो या उससे ज्यादा हफ्तों तक ठीक नहीं हो रही। ऐसे मरीजों में एच३एन2, यूआरआइ, एडिनोवायर, कोविड की रिपोर्ट भी निगेटिव आ रही है। कोविड समेत दूसरे वायरस की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है। ऐसे मरीजों पर सामान्य दवाएं भी कम असरदार हो रही हैं, ऐसे में मरीज को मल्टीपल काम्बिनेशन में ज्यादा एमजी की दवाई लिखनी पड़ रही है।
जोर पकड़ रहा संक्रमण
जेपी अस्पताल के अधीक्षक डा. राकेश श्रीवास्तव बताते हैं कि इस बार वायरल एक मरीज से दूसरे मरीज को प्रभावित कर रहा है। एक व्यक्ति को वायरल होने के बाद पूरा परिवार इसकी चपेट में आ रहा है। ये सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस इन्फ्लुएंजा, सिंस्टिएल वायरस है। तापमान में लगातार बदलाव से ऐसा हो रहा है। इसमें लम्बे समय तक खांसी की समस्या रहती है, ऐसे केसेज में निमोनिया रेयर है। कई मरीजों को बुखार भी नही होता लेकिन सामान्य वायरल एलर्जिक ब्रोन्क्राइटिस में बदल जाता है।
समय-समय पर कराएं फेफड़ों की जांच
जीएमसी के श्वास रोग विभाग के प्रोफेसर डा. लोकेन्द्र दवे के मुताबिक इस मौसम में ऐसे मरीज, जिन्हें एलर्जी, अस्थमा, हाई बीपी, कैंसर या डायबिटीज की समस्या हो या जिन्हें बचपन से ही फेफड़ों से संबंधित कोई बीमारी हो, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पीक फॉर मॉनिटरिंग के जरिए समय-समय पर फेफड़ों की जांच करते रहना चाहिए। यदि वायरल इन्फेक्शन के कारण आपका अस्थमा बिगड़ रहा है तो तत्काल आपको डाक्टर से संपर्क करना चाहिए। यदि खांसी के दौरान पीला बलगम आ रहा तो बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतना चाहिए।