
Bhopal News: भोपाल(नवदुनिया प्रतिनिधि)। सनातन धर्म पर देश-विदेश में आए दिन बहस चलती रहती है। इससे मालूम होता है कि सनातन को मानने वाले लोग कितना महत्व देते हैं। भारत सनातनी देश है। सनातनी पंरपरानुसार ही कार्य किए जा रहे हैं। सभी लोगों को सनातन के अनुसार ही गौ सेवा करना चाहिए। गौवंश की सेवा करना ही सबसे बड़ा सनातनी धर्म है। यह गोवर्धनपीठ पुरी के शंकाराचार्य जगद्गुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज ने कही। उन्होंने श्यामला हिल्स िस्थत मानस भवन में धर्मसभा को संबोधित किया।
शंकराचार्य महाराज ने कहा कि राजनीति में धर्म का उपयोग सदियों से हो रहा है। महाभारत में भी राजनीति हुई है। राजनीति राजधर्म है। इसके पांच पर्यायवाची है। वहीं शंकराचार्य महाराज ने आयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर कहा कि सभी के आस्था का केंद्र राम है, लेकिन किसी भी तपोस्थली को पर्यटन का केंद्र नही बनाया जाना चाहिए। आज देश में यह हो रहा है कि तपोस्थली का भोगास्थली बनाया जा रहा है। दिल्ली पहले का इंद्रप्रस्थ है, जो कि तीर्थ स्थान कहा जाता है। दिल्ली की क्या स्थिति है यह सभी को पता है। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती शंकराचार्य महाराज ने कहा कि राम इस दुनिया, धर्म, कर्म, आस्था के आधार है। कई लोग इस मंदिर बनाने में भी अपना लाभ निकाल रहे हैं। शंकराचार्य जी बोले अयोध्या के बाद निश्चित रूप से मथुरा में कृष्ण भगवान विराजेंगे। वहीं काशी विश्वनाथ मंंदिर का विस्तार भी होगा। उन्होंने कहा कि वो जो कहते हैं वही होता है और जो होना होता है वही कहते है। इस मौके बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी शामिल हुए।