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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal News: बच्चों को जितना जल्दी हो सके, सिखाएं ‘गुड टच-बैड टच’

पुलिस विभाग व चाइल्ड लाइन द्वारा स्कूलों व कालोनियों में जाकर बच्चों को गुड टच-बैड टच सिखाया जा रहा है।

By Lalit KatariyaEdited By: Lalit Katariya
Publish Date: Fri, 11 Mar 2022 06:05:31 PM (IST)Updated Date: Fri, 11 Mar 2022 06:05:31 PM (IST)
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Bhopal News: बच्चों को जितना जल्दी हो सके, सिखाएं ‘गुड टच-बैड टच’

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। बच्चों के साथ गलत हरकतों वाली घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। एक तरफ ऐसी हरकतें करने वाले बाज नहीं आ रहे, वहीं दूसरी तरफ बच्चों के स्कूल भी खुल गए हैं। कोरोना के कारण बीते दो साल से जो माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजना शुरू नहीं कर पाए थे, वे सभी अब स्कूलों में नर्सरी, केजी-1, केजी-2 में नामांकन करा रहे हैं और बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। बाल उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इन सभी के मन में यह डर है कि कहीं उनके बच्चे के साथ कुछ गलत न हो। माता-पिता की इन्हीं परेशानियों को देखते हुए पुलिस विभाग व चाइल्ड लाइन द्वारा स्कूलों व कालोनियों में जाकर बच्चों को गुड टच-बैड टच सिखाया जा रहा है। इस संबंध में डीएसपी महिला अपराध निधि सक्सेना ने बताया कि बच्चों के साथ हो रही इन घटनाओं को देखते हुए हमने अभियान शुरू किया है। अशोका गार्डन में हुई घटना के बाद हमने वहां भी कालोनी के लोगों को इकट्ठा कर एक एनिमेटेड शार्ट फिल्म दिखाई थी, जिसमें गुड टच-बैड टच की जानकारी दी गई थी। हम विभिन्न संस्थाओं व स्कूलों में जाकर बच्चों को इस बारे में बता रहे हैं, ताकि वे बाल उत्पीड़न से बच सकें और कुछ गलत होने पर माता-पिता को जानकारी दें।

बच्चों को ऐसे बताएं गुड टच-बैड टच

अगर कोई आपको छूता है और आपको अच्छा लगता है तो यह गुड टच है। जैसे मम्मी-पापा, दीदी, दादी के छूने से अच्छा फील होता है। इसके अलावा जब कोई व्यक्ति आपको इस तरह छूता है कि आपको बुरा लगता है, तो वह बैड टच होता है। इसके साथ ही अगर कोई अनजान व्यक्ति आपके निजी अंगों को छूने की कोशिश करता है तो यह भी बैड टच है। अगर कोई व्यक्ति, भले ही घर में सभी उसे जानते हैं, आपको इस तरह से छूता है कि आपको बुरा लगता है और वो आपको इसके बारे में किसी से ना बताने के लिए कहता है, यह बैड टच है।


बैड टच फील होने पर बच्चे क्या करें

बच्चों को बताएं कि जब आपको लगे कि कोई बैड टच कर रहा है, तो उन्हें क्या करना चाहिए। अगर स्कूल में कोई करे, तो जोर से चिल्लाएं हेल्प या मदद। फिर तुरंत किसी टीचर के पास जाएं। अगर कोई टीचर करे, तो दूसरे टीचर के पास भागकर जाएं या प्रिंसिपल के पास जाएं। आटो, बस, लिफ्ट कहीं भी बैड टच हो जोर-जोर से चिल्लाएं। मदद के लिए बुलाएं। मम्मी-पापा को बताएं। भले ही सामने वाले ने आपको किसी को न बताने को कहा हो। राज रखने को कहा हो। चॉकलेट या खिलौने दिलाने का वादा किया हो। मारने की धमकी दी हो। आपको हमें बताना ही है। हम आपकी बात पर जरूर यकीन करेंगे। आपको सुरक्षित रखेंगे।

माता-पिता के लिए कुछ जरूरी बातें

- तीन साल की उम्र से ही बच्चों को बताएं कि कपड़े पहनना जरूरी है।

- बच्चों को बताएं कि माता-पिता के अलावा कोई आपको न नहलाएं।

- ये बताएं कि शरीर के किन हिस्सों को किसी को भी छूने नहीं देना है।

- उन्हें किसी भी पुरुष की गोद में बैठने न दें।

- बच्चों को ऐसी जगह ही खेलने जाने दें, जहां आप उन्हें जब चाहे, देख सकते हैं।

- बच्चे कौन-सा कार्टून देख रहे हैं, इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं, इन पर नजर रखें।

- अगर बच्चा किसी खास व्यक्ति के पास जाना पसंद नहीं करता, तो वजह जानने की कोशिश करें।

- किसी पर भी इतना भरोसा न करें कि बच्चे को उसके पास अकेला छोड़ दें।

- बच्चे कमरे में दोस्तों के साथ खेल रहे हों, तो भी देखें कि वो क्या खेल रहे हैं। कहीं वो पति-पत्नी बनने का अभिनय तो नहीं कर रहे? डाक्टर मरीज बनकर शरीर की जांच तो नहीं कर रहे?

- अगर आपका हंसता-खेलता, मस्ती करने वाला, पढ़ने वाला बच्चा अचानक गुमसुम रहने लगे, तो सतर्क हो जाएं।

वर्जन

बाल यौन शोषण के बारे में सभी को शिक्षित करने के लिए चाइल्ड लाइन इंडिया फाउंडेशन ने एक लघु फिल्म ‘कोमल’ बनाई हुई है। हम इस फिल्म को स्कूलों, संस्थाओं, कालोनियों में जाकर बच्चों को दिखाते हैं और उन्हें बताते हैं कि कभी भी ऐसी ही स्थिति में आ जाने पर विश्वसनीय वयस्कों से मदद लेनी चाहिए।

अर्चना सहाय, चाइल्ड लाइन

वर्जन

बच्चों को स्कूल भेजना शुरू करने के पहले ही अभिभावकों को कोमल फिल्म (यूट्यूब पर उपलब्ध) के जरिए इन बातों की शिक्षा देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्हें कोरोना गाइडलाइन के तहत सिखाना चाहिए कि किसी को गाल में चूमने न दें, हाथ न लगाने दें, दूरी बनाकर रखें।

डा. प्रीति माथुर, काउंसलर व मनोचिकित्सक

केस 1

अशोका गार्डन इलाके में 10 फरवरी को तीन साल की बच्ची के साथ 58 साल के बुजुर्ग को बंद फास्ट-फूट दुकान में गलत हरकत करते पाया गया था। रास्ते से गुजर रही एक युवती की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। युवती ने शोर मचाया और पुलिस को फोन किया। पुलिस आरोपी को पकड़ने में कामयाब रही।

केस 2

शाहजहांनाबाद पुलिस ने 10 मार्च को सात साल की बच्ची के साथ गलत हरकत करने वाले को पकड़ा। बच्ची चार मार्च की शाम घर में अकेली थी। तब पड़ोसी मोहसिन ने उसके साथ गलत हरकत की। बच्ची चिल्लाने लगी, तो वह उसे पीट कर भाग गया। बाद में परिजनों को बच्ची ने जानकारी दी।

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