यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhopal News: भोपाल में नवाबी काल से कायम है 'क्लब' की परंपरा, जानिए कुछ प्रमुख क्लबों के बारे में
आइएएस, आइपीएस और व्यवसायियों, नौकरीपेशा के साथ संपन्न वर्ग की महिलाओं को ही मिलती है सदस्यता। मनोरंजन के साथ सामाजिक सरोकर के लिए काम करते हैं सदस्य।
By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Fri, 15 Sep 2023 04:20:59 PM (IST)Updated Date: Fri, 15 Sep 2023 04:20:59 PM (IST)
अरेरा क्लबHighLights
- अरेरा क्लब की आजीवन सदस्यता के लिए साढ़े सात लाख रुपये फीस देनी होती है।
- भोजपुर क्लब का आजीवन सदस्यता शुल्क दो लाख रुपये।
- शहर के सबसे पुराने बेगम्स आफ भोपाल लेडीज क्लब की स्थापना सुल्तान जहां बेगम ने की थी।
भोपाल। राजधानी में महिला सशक्तीकरण का काम नवाबी दौर से चल रहा है। यहां 'क्लब' के माध्यम से संपन्न परिवार की महिलाएं महिला सशक्तीकरण के लिए मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने क्लबों की स्थापना की, जिससे वह शहर की महिलाओं को आगे बढ़ाने में अहम योगदान देती थीं। ऐसे ही कुछ क्लब आज भी चर्चित हैं। इसमें सबसे पुराना क्लब बेगम्स आफ भोपाल है, जिसकी स्थापना खुद सुल्तान जहां बेगम ने की थी, जिसे अब उनकी पीढ़ियां चला रही हैं। वहीं अरेरा क्लब भी सौ साल से पुराना है, जिसमें प्रशासनिक-पुलिस सेवा से जुड़े अधिकारियों व धनाढ्य कारोबारियों को ही लाखों खर्च करने के बाद सदस्यता दी जाती है। जबकि अरेरा कालोनी में बना भोजपुर क्लब भी शहरवासियों के लिए चर्चा का विषय बना रहता है। इसके अलावा भी ऐसे कई क्लब हैं जो प्रमुख तौर पर संचालित किए जाते हैं।
शहर का अरेरा क्लब है सबसे महंगा
लिंक रोड में बना अरेरा क्लब आइएएस, आइपीएस और धनाढ्य कारोबारियों के लिए ही बनाया गया है, इसमें आइपीएस और आइएएस मीट का आयोजन होता रहता है। साथ ही महिलाओं की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता भी यहीं होती है। इसकी स्थापना 1960 के दशक में की गई थी। यहां की आजीवन सदस्यता लेने के लिए साढ़े सात लाख रुपये जीएसटी के साथ देना होता है। अभी तक यहां 1500 सदस्य हैं। यहां की सदस्यता ग्रहण करने के लिए प्रशासनिक सेवा, बिजनेसमैन या समाज में अच्छा नाम होना जरूरी है।
क्रिकेट, फुटबाल, बैडमिंटन व फिटनेस का कांबो है भोजपुर क्लब
भोजपुर क्लब क्रिकेट, फुटबाल, बैडमिंटन व फिटनेस का कांबो है। यहां बिजनेसमैन, नौकरीपेशा, डाक्टर, आइपीएस, आइएएस अधिकारी ही सदस्यता लेते हैं। साथ ही महिलाएं यहां आकर गतिविधियां संचालित कर सकती हैं। इसे 1972 में बनाया गया था। वर्तमान में इसके 1100 सदस्य हैं। क्लब के मैनेजर एलएन राजपूत के अनुसार क्लब की आजीवन सदस्यता फीस दो लाख रुपये है, जिसमें जीएसटी भी शामिल हैं। सालाना छह हजार रुपये देने पड़ते हैं।
बच्चों व बड़ों के लिए है रोटरी क्लब
होटल पलाश के पास बने रोटरी क्लब भवन की स्थापना 1950 वर्ष में की गई थी। जिसकी प्राथमिकता समाजसेवा करना है। इसका सदस्य बनने के लिए नौकरीपेशा, बिजनेसमैन और शहर में अच्छी पहचान होना जरूरी है। इसकी सदस्यता लेने के लिए सात से आठ हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसमें बच्चे और बड़ो के लिए भी कई गतिविधियों का संचालन किया जाता है।
लायंस क्लब के हैं 800 से ज्यादा सदस्य
वहीं जिले में सक्रिय लायंस क्लब के 800 से ज्यादा सदस्य हैं। जबकि 28 से अधिक क्लब संचालित किए जा रहे हैं। इसमें लायन सीनियर सिटीजन होम चूना भट्टी, रेडक्रास अस्पताल व खुशीलाल आर्वेदिक कालेज में भोजनशाला का संचालन किया जाता है।
बेगम्स आफ भोपाल सबसे पुराना क्लब
शहर के सबसे पुराने बेगम्स आफ भोपाल लेडीज क्लब की स्थापना सुल्तान जहां बेगम ने की थी। क्लब की अध्यक्षा रखशां जाहिद ने बताया कि इस क्लब की स्थापना 2019 में पुराने लेडीज क्लब द प्रिंस आफ वेल्स को पुनर्जीवित करने के लिए की गई। जिसका उद्देश्य महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। इसमें 300 सदस्य हैं। जिसकी सालभर की मेंबरशिप फीस पांच हजार रुपये है। क्लब ने 150 साल पुरानी परंपरा और भारत के एकमात्र महिला बाजार परी बाजार को भी पुनर्जीवित किया है। जिसे सुल्तान जहां बेगम ने स्थापित किया था। इस क्लब में नवाबों के परिवार से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं के अलावा नौकरीपेशा, बिजनेसमैन घराने की महिलाएं भी जुड़ी हैं।