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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal News: मध्यप्रदेश के तीन शहर बनेंगे सोलर सिटी, भोपाल में स्थापित होगी 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी

Bhopal News: भोपाल में 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी के इस्तेमाल से यह क्षमता 285 लाख पेड़ों के बराकर कार्बन उत्सर्जन सोखने की होगी।

By Lalit KatariyaEdited By: Lalit Katariya
Publish Date: Sat, 27 Jan 2024 10:55:46 AM (IST)Updated Date: Sat, 27 Jan 2024 10:55:46 AM (IST)
Bhopal News: मध्यप्रदेश के तीन शहर बनेंगे सोलर सिटी, भोपाल में स्थापित होगी 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी

HighLights

  1. भोपाल के बाद इंदौर और उज्जैन में शुरू होगा सोलर एनर्जी का काम
  2. 21 जोन में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
  3. एक से तीन किलोवाट के घरेलू सोलर पैनल के लिए अनुदान

मदनमोहन मालवीय, भोपाल। मध्य प्रदेश के तीन शहरों को सोलर सिटी बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें सबसे पहले राजधानी भोपाल का नंबर है जहां 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी स्थापित की जाएगी। इसके बाद इंदौर और उज्जैन में सोलर एनर्जी का काम शुरू किया जाएगा। दरअसल भोपाल में कार्बन उर्त्सजन नियंत्रित करके क्लीन केपीटल के साथ ही ग्रीन कैपीटल बनाने के लिए सोलर सिटी बनाने की योजना तैयार की गई है।इसकी शुरुआत के आगामी दो माह में घरों और विभिन्न स्थलों पर सोलर पैनल लगाकर की जाएगी। बता दें कि भोपाल में 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी के इस्तेमाल से यह क्षमता 285 लाख पेड़ों के बराकर कार्बन उत्सर्जन सोखने की होगी।

21 जोन में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

भोपाल को सोलर सिटी बनाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए शीघ्र ही वातावरण निर्माण करने के लिए सभी 21 जोन में जागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को अपने आवास की छतों सहित अन्य स्कूल कालेज और शासकीय कार्यालयों आदि में सोलर पैनल लगवाने का अभियान चलाया जाएगा । तय किया गया है कि भोपाल में 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी के लक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से प्राप्त किया जाएगा और आगामी दो माह में लगभग 25 हजार स्थानों पर सोलर पैनल लगाने के प्रयास किए जाएंगे । भोपाल में वर्तमान में 2000 मेगावाट विद्युत की खपत होती है ।


एक से तीन किलोवाट के घरेलू सोलर पैनल के लिए अनुदान

एक से तीन किलोवाट के घरेलू सोलर पैनल के लिए अनुदान भी दिया जाएगा। रहवासी संघों के बीच विशेष अभियान चलाकर प्रतिस्पर्धा जागृत करने और इससे होने वाले फायदों की भी जानकारी दी ।नगर निगम एक सुसंगत कार्य योजना के साथ भोपाल को सोलर सिटी बनाने की तैयारी में जुट गया है।

पांच साल में वसूल हो जाती है लागत

सोलर यूनिट लगाने की लागत पांच साल में वसूल हो जाती है और अगले 20 साल तक मुफ्त बिजली मिल जाती है । भोपाल को ग्रीन बनाने के लिए ई वाहन, उद्योग में ग्रीन एनर्जी, वाटरबाडी में सोलर एनर्जी, पांच स्टार रेटिंग के विद्युत उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ ही वृक्षारोपण पर भी जोर दिया गया है।

इनका कहना है

- कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए लोगों को सौर ऊर्जा अपनानी चाहिए । अधिक से अधिक लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा । बिजली कंपनी एक दिन में सोलर सिटी के लिए नेट मीटर लगा देगी । बिजली कंपनी की टीम नगर निगम की टीम के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाएगी, वार्डों में प्रजेंटेशन भी दिया जाएगा ।

संजय दुबे, प्रमुख सचिव, ऊर्जा

- भोपाल को देश की सबसे ग्रीन राजधानी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे । नगर निगम के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे ऊर्जा विकास निगम के अधिकारियों के साथ बैठकर कार्य योजना बनाएं । जिससे भोपाल को सोलर राजधानी बनाया जा सके ।

मालती राय, महापौर