
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अयोध्या नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों को कालोनी से भगाने के विवाद में महिलाओं पर तलवार से हमला करने वाला मुख्य आरोपी अशोक सिंह चौहान कोई सामान्य पशुप्रेमी नहीं, बल्कि प्रशासनिक पद पर रह चुका ऐसा व्यक्ति है, जिसका अतीत गंभीर आरोपों से भरा रहा है। अयोध्या नगर पुलिस ने शुक्रवार को अशोक और उसके ड्राइवर नफीस अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इससे पहले कांता श्रवण कॉलोनी में दोनों का जुलूस निकाला गया, जहां गुस्साए लोगों ने खुलकर आक्रोश जताया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अशोक सिंह चौहान करीब डेढ़ साल पहले बैतूल में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ था। एक प्रकरण में निलंबन के बाद उसने प्रशासनिक सेवा छोड़ दी और आष्टा (सीहोर) में पेट्रोल पंप खोल लिया। लेकिन सत्ता, रसूख और दबाव की उसकी आदत नहीं बदली।
पशुप्रेम की आड़ में वह कॉलोनियों में दखल देता रहा और विरोध करने वालों को डराता-धमकाता रहा। पिपलानी थाने के रिकार्ड खंगालने पर अशोक के खिलाफ पहले से तीन गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की पुष्टि हुई है। ताजा हमले के बाद पुलिस अब उसकी गुंडा फाइल खोलने की तैयारी में है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिले तो उसके खिलाफ सख्त प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। घटना के दिन अशोक के साथ उसका ड्राइवर नफीस अंसारी भी मौजूद था, जिस पर हमले में सहयोग का आरोप है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद के दौरान तलवार निकालकर महिलाओं पर हमला किया गया, जिससे एक महिला के पेट में गंभीर घाव हुआ और दूसरी का हाथ कट गया। दोनों का इलाज जारी है।
पत्नी भेल में कार्यरत बेटी भी पशुप्रेमी
अशोक की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में है। उसकी पत्नी जया चौहान भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) में कार्यरत हैं, जबकि बेटी अंकिता भी पशुप्रेमी गतिविधियों से जुड़ी बताई जाती है। आरोप है कि घटना के समय वे आसपास मौजूद थीं, हालांकि पुलिस ने इस मामले में फिलहाल उन्हें आरोपी नहीं माना है।
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