भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल रेल मंडल के रेलकर्मी मुकेश सिंह माहोर को प्रतिष्ठित रेल मंत्री पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार उन्हें रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीते दिनों भुनेश्वर में आयोजित समारोह में दिया। वह यह पुरस्कार पाने वाले भोपाल रेल मंडल के एकमात्र रेलकर्मी हैं। मुकेश सिंह ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई थी, जो कि एक साहसिक काम था। इसी के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया है।

बता दें कि मुकेश सिंह माहोर भोपाल मंडल के वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) मोहाना के अधीन ट्रैकमैन ग्रेड-द्वितीय के पद पर कार्यरत हैं। बीते वर्ष बारिश में गुना से ग्वालियर रेल खंड के मध्य मूसलधार बारिश हुई थी। जिसके कारण पाराखेड़ा-मोहाना रेलखंड में रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा बह गया था। तब मुकेश सिंह ही ड्यूटी पर थे। उन्होंने ट्रैक को क्षतिग्रस्त देखा तो ट्रेन को रोकना चाहा, लेकिन सिग्नल व्यवस्था फेल हो चुकी थी। किसी भी स्तर से संपर्क नहीं हो पा रहा था। तब वह ग्वालियर की ओर से आ रही ग्वालियर-रतलाम इंटरसिटी एक्सप्रेस को रुकवाने के लिए क्षतिग्रस्त ट्रैक से काफी दूर तक अंधेरे में दौड़े थे ओर आने वाली ट्रेन के समक्ष मूसलाधार बारिश में खड़े हो गए थे। उन्होंने जान की परवाह नहीं की थी और ट्रेन को रोक लिया था। यदि वह ट्रेन को नहीं रोकते तो तय था कि ट्रेन क्षतिग्रस्त ट्रैक पर प्रवेश कर सकती थी, क्योंकि ट्रैक ऊपर से व्यवस्थित दिखाई दे रहा था लेकिन नीचे से पूरा हिस्सा बह चुका था। पानी का बहाव तेज था। ऐसे में हरदा के पास भिरंगी जैसे हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता था लेकिन रेलकर्मी के साहस व सूझबूझ से ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और ट्रेन को रोक लिया गया था।

इस काम में साथी रेलकर्मियों ने भी मदद की थी, लेकिन नेतृत्व मुकेश सिंह ने ही किया था इसलिए उन्हें रेलमंत्री पुरस्कार के लिए चुना गया था। बाकी रेलकर्मियों को जीएम व डीआरएम पूर्व में ही सम्मानित कर चुके हैं। डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय ने इस उपलब्धि पर मुकेश सिंह का उत्साहवर्धन करते हुए उन्‍हें बधाई दी है।

Posted By: Ravindra Soni

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