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भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, निगम ने बदला शपथ-पत्र

भोपाल नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की रिपोर्ट बदली है। सुप्रीम कोर्ट में नया शपथ-पत्र पेश हुआ, जिसमें आ...और पढ़ें

By anuj mainaEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 11:27:27 AM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 11:27:27 AM (IST)
भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, निगम ने बदला शपथ-पत्र
भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. निगम ने 62 हजार से अधिक संपत्तियां चिह्नित करने का दावा किया।
  2. शहरभर में 7,951 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करने की बात।
  3. 190 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई, सात प्रतिष्ठान सील किए।

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल : आवासीय क्षेत्रों में चल रहे कारोबार के खिलाफ नगर निगम ने पांच अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए शहरभर में 62 हजार से अधिक संपत्तियों को चिह्नित करने का दावा किया था।

निगम प्रशासन ने शहर के सभी 21 जोन में 8,264 नोटिस जारी किए थे और 31 अगस्त से दो सितंबर तक प्रतिष्ठानों को सील और बंद कराने की कार्रवाई की थी। निगम ने शहरभर में 190 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए 183 प्रतिष्ठानों को स्वेच्छा से बंद कराने के पंचनामे बनाए और सात सील कर दिए थे।


विरोध के बाद रुकी कार्रवाई, नया शपथ-पत्र पेश

  • हालांकि, शहर में व्यापारियों ने निगम की कार्रवाई के विरोध में लगातार बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए थे, जिसके निगम ने कार्रवाई को रोक दिया। 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई में पेश करने के लिए जो शपथ-पत्र तैयार किया था, उसमें शहरभर में 7,951 प्रतिष्ठानों को आवासीय क्षेत्रों में कारोबार करते हुए चिह्नित करने और उन्हें नोटिस जारी करने की बात सामने आई थी।
  • आंकड़ों के इस अंतर ने कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। सूत्रों के अनुसार, नवदुनिया ने इस विसंगति को सामने लाने के बाद निगम ने अपने रिकार्ड का दोबारा मिलान किया और शपथ-पत्र में कार्रवाई की जानकारी को लेकर बदलाव कर नया शपथ-पत्र न्यायालय के सामने पेश किया है।

प्रदेश सरकार की समिति पर भी होगी सुनवाई

  • बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर निगम प्रशासन ने अरेरा कालोनी, रोहित नगर, बावड़िया कलां में नोटिस देने की कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बाद एक अगस्त को इन क्षेत्रों में दो प्रतिष्ठानों को सील और 99 के स्वेच्छा बंद करने के पंचनामे बनाए थे। दो अगस्त को प्रदेश सरकार ने इस मामले में एक समिति गठित कर दी थी, जिसके बाद निगम ने अपनी कार्रवाई रोक दी और बंद किए गए प्रतिष्ठान भी खुल गए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने सरकार द्वारा बनाई गई इस समिति को प्रथम दृष्टया अवमानना मानते हुए समिति गठित करने के मूल दस्तावेज पेश करने को कहा था। अब 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई में निगम की कार्रवाई के साथ ही प्रदेश सरकार की इस समिति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

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