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चोरी से पहले भगवान से मांगता था माफी, भोपाल देहात पुलिस ने पकड़ा 31 हजार का इनामी 'दीना महाराज' गैंग

गिरोह का सरगना दीनदयाल उर्फ दीना महाराज चोरी से पहले मंदिर में भगवान के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगता था, फिर वारदात को अंजाम देता था।

By prashant vyasEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 25 Jul 2026 09:57:15 AM (IST)Updated Date: Sat, 25 Jul 2026 09:57:15 AM (IST)
चोरी से पहले भगवान से मांगता था माफी, भोपाल देहात पुलिस ने पकड़ा 31 हजार का इनामी 'दीना महाराज' गैंग
भोपाल देहात पुलिस ने छह बदमाशों गिरफ्तार कर चार लाख रुपये का माल जब्त किया।सौ-पुलिस

HighLights

  1. 11 मंदिरों में चोरी का खुलासा
  2. भगवान से माफी मांगकर करते थे चोरी
  3. चार लाख की धार्मिक सामग्री बरामद

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। तीन जिलों के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मंदिरों में चोरी करने वाले छह सदस्यीय गिरोह का भोपाल देहात पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह का सरगना रायसेन का 31 हजार रुपये का इनामी बदमाश दीनदयाल उर्फ दीना महाराज है, जो चोरी से पहले भगवान की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगता था और फिर साथियों के साथ चांदी के मुकुट, छत्र, दानपेटी की नकदी और अन्य धार्मिक सामग्री चोरी कर फरार हो जाता था।

गिरोह से 16 चांदी के मुकुट समेत करीब चार लाख रुपये की धार्मिक सामग्री बरामद की गई है। आरोपी ने गांवों के मजदूरों के साथ भोपाल, रायसेन और विदिशा के मंदिरों में चोरी की है। इसके अलावा भी वह कई अन्य अपराधों में लिप्त रहा है, जिससे दस थानों को उसकी तलाश थी।


फिलहाल रायसेन पुलिस ने भोपाल देहात पुलिस से संपर्क किया है।

11 मंदिरों में की चोरी

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि बीते करीब आठ-नौ महीने में बैरसिया, सूखीसेवनिया और ईंटखेड़ी थाना क्षेत्रों के मंदिरों में लगातार चोरी की वारदातें सामने आ रही थीं। लगातार घटनाओं के बाद पिछले दिनों एसआईटी गठित की थी।

तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर सूखी सेवनिया बायपास से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने 11 मंदिरों में चोरी और एक चोरी के प्रयास सहित 12 वारदातें कबूल की हैं।

मंदिरों की रैकी करता था गिरोह

जांच में सामने आया कि गिरोह गांवों और सुनसान इलाकों के मंदिरों को निशाना बनाता था। रायसेन निवासी मुख्य आरोपी दीनदयाल अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले मजदूरों को साथ लाता था। सुनसान क्षेत्र वाले मंदिरों की रैकी करता था और फिर वारदात से पांच-छह घंटे पहले मोबाइल बंद कर देते थे ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके।

मंदिर बंद होने के बाद ताला या ग्रिल तोड़कर अंदर घुसते और चोरी कर लेते थे। वारदात के बाद गिरोह अशोकनगर के करीला और अन्य जिलों में चला जाता था और कुछ महीने बाद लौटकर फिर चोरी करता था।

पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने वाले नर्मदापुरम निवासी आनंद उर्फ इंद्र नारायण राजपूत को भी गिरफ्तार किया है, जो कि सिंचाई विभाग में ड्राइवर है। उसकी निशानदेही पर 16 चांदी के मुकुट, चांदी की थाली, छत्र, चांदी जड़ित नारियल, ओम चिन्ह और पीतल का घंटा बरामद किया गया। बरामद चांदी का वजन करीब 1.5 किलोग्राम और कीमत लगभग चार लाख रुपये है।

हत्या, लूट डकैती समेत 30 से ज्यादा अपराध दर्ज

पुलिस सूत्रों के अनुसार दीनदयाल के खिलाफ पूर्व में भी हत्या, लूट, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। पुलिस ने उसके अलावा रायसेन में रहने वाले दिनेश कुशवाहा, अकरम अली, पप्पू आदिवासी, आशाराम और आनंद उर्फ इंद्र नारायण राजपूत को भी गिरफ्तार किया है। आरोपित फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं।

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दिन में मजदूरी, रात में मंदिरों में चोरी

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना दीनदयाल उर्फ दीना महाराज गिरफ्तारी से बचने के लिए हर तीन-चार महीने में अपना ठिकाना बदल लेता था। दिन में वह और उसके साथी भोपाल में अलग-अलग क्षेत्रों में रहकर मजदूरी करते थे, जिससे किसी को उन पर शक न हो।