भोपाल में भगवान से हाथ जोड़कर माफी, फिर की मंदिर से चोरी... 10 थानों से फरार मंदिर चोर गिरोह गिरफ्तार
भोपाल देहात पुलिस ने मंदिरों में चोरी करने वाले छह सदस्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। सरगना चोरी से पहले भगवान से माफी मांगता था। 16 चांदी के मुकुट समेत सामान बरामद हुआ।
Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 08:05:17 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 08:12:21 PM (IST)
भोपाल में मंदिर चोर गैंग का पर्दाफाश। (एआई जनरेटेड)HighLights
- छह सदस्यीय मंदिर चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया।
- सरगना चोरी से पहले भगवान से माफी मांगता था हमेशा।
- 16 चांदी के मुकुट समेत चार लाख का सामान बरामद।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। तीन जिलों के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मंदिरों में चोरी करने वाले छह सदस्यीय गिरोह का भोपाल देहात पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह का सरगना रायसेन का 31 हजार रुपये का इनामी बदमाश दीनदयाल उर्फ दीना महाराज है, जो चोरी से पहले भगवान की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगता था और फिर साथियों के साथ चांदी के मुकुट, छत्र, दानपेटी की नकदी और अन्य धार्मिक सामग्री चोरी कर फरार हो जाता था।
गिरोह से 16 चांदी के मुकुट समेत करीब चार लाख रुपये की धार्मिक सामग्री बरामद की गई है। आरोपित ने गांवों के मजदूरों के साथ भोपाल, रायसेन और विदिशा के मंदिरों में चोरी की है। इसके अलावा भी वह कई अन्य अपराधों में लिप्त रहा है, जिससे दस थानों को उसकी तलाश थी। फिलहाल रायसेन पुलिस ने भोपाल देहात पुलिस से संपर्क किया है।
ऐसे पकड़ में आए चोर
- पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि बीते करीब आठ-नौ महीने में बैरसिया, सूखीसेवनिया और ईंटखेड़ी थाना क्षेत्रों के मंदिरों में लगातार चोरी की वारदातें सामने आ रही थीं। लगातार घटनाओं के बाद पिछले दिनों एसआईटी गठित की थी।
- तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर सूखी सेवनिया बायपास से छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपितों ने 11 मंदिरों में चोरी और एक चोरी के प्रयास सहित 12 वारदातें कबूल की हैं।
जांच में सामने आया कि गिरोह गांवों और सुनसान इलाकों के मंदिरों को निशाना बनाता था। रायसेन निवाली मुख्य आरोपित दीनदयाल उर्फ दीना महाराज अपने गांव और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले मजदूरों को साथ लाता था। सुनसान क्षेत्र वाले मंदिरों की रैकी करता था और फिर वारदात से पांच-छह घंटे पहले मोबाइल फोन बंद कर देते थे ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके।
मंदिर बंद होने के बाद ताला या ग्रिल तोड़कर अंदर घुसते और धार्मिक सामग्री चोरी कर लेते थे। वारदात के बाद गिरोह अशोकनगर के करीला और अन्य जिलों में चला जाता था और कुछ महीने बाद लौटकर फिर चोरी करता था। चोरी का सामान खरीदने वाला गिरफ्तार
पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने वाले होशंगाबाद निवासी आनंद उर्फ इंद्र नारायण राजपूत को भी गिरफ्तार किया है, जो कि सिंचाई विभाग में ड्राइवर है। उसकी निशानदेही पर 16 चांदी के मुकुट, चांदी की थाली, छत्र, चांदी जड़ित नारियल, ओम चिन्ह और पीतल का घंटा बरामद किया गया। बरामद चांदी का वजन करीब 1.5 किलोग्राम और कीमत लगभग चार लाख रुपये है।
हत्या, लूट डकैती समेत 30 से ज्यादा अपराध दर्ज
- पुलिस सूत्रों के अनुसार दीनदयाल उर्फ दीना महाराज को रायसेन के गैरतगंज, देवनगर, बरेली और देवरी थानों की पुलिस ज्ञात या अज्ञात रूप में तलाश रही थी। इसके अलावा विदिशा के कोतवाली और गुलाबगंज में भी हुए मंदिर चोरी के मामले में भी दीना ही संदिग्ध आरोपित रहा है।
हालांकि उसके खिलाफ नामजद प्रकरण नहीं है, लेकिन पुलिस जल्द उससे पूछताछ के लिए भोपाल पुलिस से संपर्क कर सकती है। दीना के खिलाफ पूर्व में भी हत्या, लूट, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।
पुलिस ने उसके अलावा रायसेन में रहने वाले दिनेश कुशवाहा, अकरम अली, पप्पू आदिवासी, आशाराम और आनंद उर्फ इंद्र नारायण राजपूत को भी गिरफ्तार किया है। आरोपित फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। हर तीन महीने में ठिकाना बदलता था दीना
- पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना दीनदयाल उर्फ दीना महाराज गिरफ्तारी से बचने के लिए हर तीन-चार महीने में अपना ठिकाना बदल लेता था। दिन में वह और उसके साथी भोपाल में अलग-अलग क्षेत्रों में रहकर मजदूरी करते थे, जिससे किसी को उन पर शक न हो।
- रात होते ही सुनसान ग्रामीण मंदिरों की रेकी कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के बाद कुछ महीनों के लिए भोपाल छोड़कर अशोकनगर के करीला और अन्य जिलों में चले जाते थे, फिर लौटकर नई चोरी करते थे।