
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले सभी रेलवे अस्पतालों में 1 मई से इलाज की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत अब मरीजों को कागजी रेफरल की जरूरत नहीं होगी। मरीजों का रजिस्ट्रेशन यूएमआइडी कार्ड नंबर के माध्यम से किया जाएगा और मोबाइल पर ओटीपी के जरिए सत्यापन होगा। इस पहल से भोपाल रेल मंडल सहित तीनों मंडलों के करीब दो लाख रेल कर्मचारी और उनके परिजनों को सीधा लाभ मिलेगा।
नई प्रणाली में इमरजेंसी सेवाएं भी डिजिटल रहेंगी। यदि किसी मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती किया जाता है, तो उसकी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिस पर रेलवे अस्पताल 24 घंटे के भीतर मंजूरी या अस्वीकृति देगा। इलाज पूरा होने के बाद डिस्चार्ज प्रक्रिया भी पोर्टल के माध्यम से ही पूरी की जाएगी। अधिकारियों ने कर्मचारियों को यूएमआइडी कार्ड अपडेट रखने और सही मोबाइल नंबर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
ये होंगे फायदे इस डिजिटल व्यवस्था से अस्पतालों में पारदर्शिता बढ़ेगी और इलाज की प्रक्रिया तेज होगी। कागजी कार्यवाही खत्म होने से समय की बचत होगी और मरीजों को बिना परेशानी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही, रिकार्ड ऑनलाइन होने से निगरानी आसान होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो जाएगी।