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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभावक्षेत्र का दायरा बढ़ा रही भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा

मालवा-निमाड़ में मिल रहे जनसमर्थन से स्पष्ट संकेत है कि सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र में बढ़ोतरी हो रही है।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 20 Aug 2021 01:54:25 PM (IST)Updated Date: Fri, 20 Aug 2021 01:57:42 PM (IST)
ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभावक्षेत्र का दायरा बढ़ा रही भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा

धनंजय प्रताप सिंह, भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र आमतौर पर ग्वालियर-चंबल माना जाता रहा है, लेकिन जनआशीर्वाद यात्रा को मालवा-निमाड़ में मिल रहे जनसमर्थन से स्पष्ट संकेत है कि सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र में बढ़ोतरी हो रही है। इस यात्रा में जिस तरह जनसैलाब उमड़ रहा है, वह उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर तो मजबूत कर ही रहा है, साथ ही भाजपा को भी एक ऐसा नेता देने की शुरुआत है, जिसे कांग्रेस के खिलाफ पूरे प्रदेश में कहीं भी भेजकर चुनावी मुकाबले को जीत में बदलने की कोशिश की जा सकती है। आमतौर पर भाजपा में आए बाहरी नेता को कार्यकर्ताओं का इतना जबरदस्त समर्थन मिलते नहीं देखा गया है, जितना सिंधिया को मिल रहा है।

सिंधिया को कांग्रेस के मुकाबले उतारने के खास मायने है, क्योंकि 2018 के विधानसभा चुनाव में सिंधिया कांग्रेस का प्रमुख चेहरा थे। वे कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष भी थे। अब वही कांग्रेस के खिलाफ मैदान में होंगे, जिससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकें। दरअसल, मालवा-निमाड़ मूल रूप से भाजपा का गढ़ रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय इस क्षेत्र से पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे हैं। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का प्रभाव भी इंदौर तक सीमित रहा, लेकिन अब वह भी चुनावी राजनीति से दूर हो चुकी हैं।


ऐसे में पहला मौका है जब इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री चौहान या विजयवर्गीय के अलावा किसी अन्य भाजपा नेता को भारी जनसमर्थन मिल रहा है। इस यात्रा की खास बात है कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता सिंधिया के स्वागत से लेकर कदम-कदम साथ चल रहे हैं, जो इस कयास को बीती बात साबित करता है कि अभी भी पार्टी में सिंधिया और उनके समर्थक नेता घुल- मिल नहीं सके हैं। भाजपा में शामिल होने के समय से ही सिंधिया की मुख्यमंत्री के साथ बेहतर जुगलबंदी रही है, वहीं संघ के पदाधिकारियों से मेल-मुलाकात भी होती रहती है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव के सियासी मायने

इस जनआशीर्वाद यात्रा की खास बात यह है कि भाजपा में आने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पहला अनुभव है, जब वह अकेले निकले हैं और उन्हें अपने समर्थकों के अलावा भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है। ये दृश्य संकेत करते हैं कि भाजपा में सिंधिया का सियासी कद लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले समय में वह पार्टी का प्रमुख चेहरा होंगे। सिंधिया की बड़ी सफलता पार्टी में उनकी ऐसी स्वीकार्यता है, जो पहले शायद ही किसी बाहरी नेता को मिली हो। आमतौर पर बाहरी नेताओं को भाजपा इतने कम समय में इस कदर न मौका देती है, न कार्यकर्ता स्वीकार कर पाते हैं।

सिंधिया जी भाजपा के वरिष्ठतम राजनेताओं में से एक हैं। उनकी योग्यता और क्षमता का उपयोग संगठन अपनी रीति-नीति के अनुरूप जनकल्याण के लिए कर रहा है। मूल उद्देश्य यही है सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-यही है प्रयास। - पंकज चतुर्वेदी, प्रवक्ता, मध्य प्रदेश भाजपा