राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। दिल्ली में हुए हादसे के बाद प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार नया फायर सेफ्टी एक्ट लागू करने की तैयारी में है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है। प्रस्तावित कानून के तहत नागरिकों को संपत्तिकर के साथ फायर सेफ्टी टैक्स भी देना होगा।
ड्राफ्ट के अनुसार 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों - जैसे स्कूल, अस्पताल, मॉल, होटल और औद्योगिक इकाइयों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (फायर NOC) अनिवार्य होगा। बिना फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र के किसी भी भवन को अधिभोग (ऑक्यूपेंसी) प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा।
आयोजनों में भी सख्त नियम
प्रस्तावित एक्ट में शादी समारोह, धार्मिक आयोजन, राजनीतिक कार्यक्रम और मेलों में लगाए जाने वाले पंडालों के लिए भी नए सुरक्षा मानक तय किए गए हैं। पंडालों में इस्तेमाल होने वाले कपड़े और अन्य सामग्री को अग्निरोधी (फायर रिटार्डेंट) होना अनिवार्य किया जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने या गलत जानकारी देने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना और तीन माह तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। वहीं, आग बुझाने या राहत कार्य में बाधा पहुंचाने वालों पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना और छह माह तक की सजा हो सकती है।
औद्योगिक इकाइयों में फायर सेफ्टी अधिकारी जरूरी
नए कानून के तहत औद्योगिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य होगी। भवन निर्माण के दौरान ही फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित करना होगा। फायर एनओसी जारी करने का अधिकार नगर निगमों और नगर पालिकाओं को दिया जाएगा, जो वर्तमान में कलेक्टर स्तर पर है।
मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप होंगे नियम
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि प्रस्तावित कानून को भारत सरकार के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप तैयार किया जाए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश में बड़ी इमारतों, औद्योगिक परियोजनाओं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को देखते हुए अत्याधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत आपातकालीन व्यवस्था विकसित करना जरूरी है।
मंत्री ने फायर सेफ्टी अधिकारियों की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के स्पष्ट मानदंड तय करने, सभी भवनों में एग्जिट प्लान और फायर पाइपलाइन का प्रदर्शन अनिवार्य करने तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए।
मॉल, होटल और कॉलेजों की होगी जांच
दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को पहले ही सतर्क रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जिन भवनों का फायर ऑडिट नहीं हुआ है, उन्हें नोटिस जारी कर जांच कराई जाएगी। आने वाले दिनों में मॉल, कॉलेज, होटल और रेस्टोरेंट की विशेष जांच अभियान भी चलाया जाएगा।
अवैध कालोनियों पर कार्रवाई और आमजन की सुविधा का ध्यान
बैठक में मध्य प्रदेश कालोनी अधिनियम 2026 के प्रस्तावित प्रारूप का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इसमें कालोनी रजिस्ट्रीकरण, विकास अनुज्ञा, नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत, अविकसित व अवैध कालोनियों में कार्रवाई से जुड़े नियमों पर चर्चा की गई।
विभागीय मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी स्थिति में आम जनता को कोई परेशानी उत्पन्न न हो।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव संजय कुमार दुबे, नगरीय विकास आयुक्त संकेत भोंडवे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।