
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आपके पास कितने बैंक खाते हैं? कोविड-19 का टीका कहां लगवाया था? क्या आप डिजिटल रूप से साक्षर हैं? ऐसे ही सवालों के जवाब इस बार जनगणना के दूसरे चरण के दौरान देने होंगे। जनगणना 2027 के दूसरे चरण में लोगों से 40 सवाल पूछे जाएंगे, जबकि वर्ष 2011 की जनगणना में 29 प्रश्न शामिल थे। यानी इस बार प्रश्नावली में 11 सवाल अधिक हैं।
भोपाल की शहरी सीमा में जनगणना का काम संभालने के लिए करीब 4500 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की तैयारी है। मप्र में दूसरे चरण की जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने से 15 दिन पहले स्व-गणना की जाएगी, जिसमें शहरवासी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना 2027 में केवल नाम, उम्र और परिवार के सदस्यों की गिनती तक सीमित नहीं रहेगी। लोगों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का विस्तृत ब्योरा जुटाया जाएगा। प्रश्नावली में जाति, धर्म, मातृभाषा, दिव्यांगता, शिक्षा, रोजगार और पलायन से जुड़े सवाल शामिल हैं।
महिलाओं से निर्धारित श्रेणियों के अनुसार बच्चों के जन्म और उनकी संख्या की जानकारी भी ली जाएगी। इस बार जनगणना को ज्यादा डेटा-ड्रिवन बनाया गया है ताकि सरकार को नीतियां बनाने के लिए सटीक जानकारी मिल सके।
नई प्रश्नावली में कुछ सवाल खास तौर पर ध्यान खींचते हैं। व्यक्ति से कोविड-19 का टीकाकरण कहां कराया, कितने बैंक खाते हैं और वह डिजिटल रूप से कितना साक्षर है, क्या आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस है... इसकी जानकारी मांगी जाएगी।
इसके अलावा मोबाइल नंबर, आधार नंबर, मतदाता पहचान पत्र और भारतीय पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी भी प्रश्नावली का हिस्सा है। इन सवालों के जरिए देश की आबादी की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की अधिक विस्तृत तस्वीर तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि बैंक खाते और डिजिटल साक्षरता जैसे आंकड़ों से वित्तीय समावेशन और डिजिटल इंडिया की असली स्थिति पता चलेगी।
जनगणना में जाति की जानकारी उत्तरदाता द्वारा घोषित किए गए विवरण के आधार पर दर्ज की जाएगी। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए ड्रॉप-डाउन मेन्यू उपलब्ध होगा, जबकि ‘जाति’ का विकल्प केवल गैर-एससी और गैर-एसटी श्रेणी के लोगों के लिए होगा। इससे जाति से जुड़े डेटा में स्पष्टता आएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सकेगा।
जनगणना के पहले चरण में मकानों की सूची बनाने और आवासीय सुविधाओं का ब्यौरा जुटाया गया था, जिसके लिए 3285 हाउस-लिस्टिंग ब्लॉकों में करीब 3800 कर्मचारियों ने सर्वे किया था। भोपाल नगर निगम क्षेत्र में पहले चरण के दौरान 7.57 लाख से अधिक मकानों के सर्वे की जानकारी प्रकाशित रिपोर्टों में सामने आई थी। अब दूसरे चरण में व्यक्ति-वार जानकारी दर्ज की जाएगी। नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से ऑनलाइन विवरण देने की सुविधा भी मिलेगी। दूसरे चरण के लिए जनगणना ब्लॉकों की संख्या बढ़ाई गई है, इसलिए ज्यादा स्टाफ की जरूरत पड़ेगी।
दूसरे चरण की जनगणना के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। दूसरे चरण में जनगणना ब्लॉकों की संख्या बढ़ाई गई है। ऐसे में इस बार ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
- हीरेन्द्र कुशवाह, उपायुक्त, नगर निगम
1. व्यक्ति का नाम
2. परिवार के मुखिया से संबंध
3. लिंग
4. जन्मतिथि और पूरी हो चुकी आयु
5. वर्तमान वैवाहिक स्थिति
6. विवाह के समय आयु
7. जीवनसाथी का नाम
8. घोषित राष्ट्रीयता
9. धर्म
10. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/जाति
11. पिता का विवरण
12. माता का विवरण
13. दिव्यांगता संबंधी जानकारी
14. मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं
15. साक्षरता और डिजिटल साक्षरता
16. शैक्षणिक संस्थान में उपस्थिति की स्थिति
17. प्राप्त उच्चतम शैक्षणिक स्तर और विषय/शाखा
18. पिछले वर्ष किसी समय काम किया या नहीं
19. आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
20. व्यवसाय
21. उद्योग, व्यापार या सेवा का प्रकार
22. कामगार की श्रेणी
23. गैर-आर्थिक गतिविधि
24. काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता
25. कार्यस्थल तक आने-जाने का विवरण
26. जन्मस्थान
27. पिछला निवास स्थान
28. पलायन का कारण
29. पलायन के बाद वर्तमान गांव/शहर में रहने की अवधि
30. स्थायी आवासीय पता
31. वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या (निर्धारित श्रेणी की महिलाओं से)
32. अब तक जीवित जन्मे बच्चों की संख्या (निर्धारित श्रेणी की महिलाओं से)
33. पिछले एक वर्ष में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या (वर्तमान में विवाहित महिलाओं से)
34. कोविड-19 टीकाकरण का स्थान
35. कुल बैंक खातों की संख्या
36. मोबाइल नंबर, यदि उपलब्ध हो
37. आधार नंबर, यदि उपलब्ध हो
38. मतदाता पहचान पत्र नंबर, यदि उपलब्ध हो
39. भारतीय पासपोर्ट धारक होने पर पासपोर्ट नंबर
40. ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता