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भोपाल में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारी तेज, मकान सूचीकरण के बाद जनसंख्या गणना पर फोकस, 5 बिंदुओं पर खास जोर

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना के लिए भोपाल जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं।

By Madanmohan malviyaEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 08:37:57 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 08:37:57 PM (IST)
भोपाल में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारी तेज, मकान सूचीकरण के बाद जनसंख्या गणना पर फोकस, 5 बिंदुओं पर खास जोर
भोपाल में जनसंख्या गणना के लिए ब्लॉकों का होगा सत्यापन

HighLights

  1. भोपाल कलेक्ट्रेट में अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण
  2. बड़े गणना ब्लॉकों को उप-ब्लॉकों में बांटा जाएगा
  3. क्षेत्रीय सत्यापन और कर्मचारियों का होगा संतुलित वितरण

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए भोपाल जिले में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके तहत गणना ब्लॉकों के निर्धारण, बड़े ब्लॉकों को उप-ब्लॉकों में बांटने, कर्मचारियों के कार्यभार का संतुलित वितरण और आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।

इसी सिलसिले में जिले के चार्ज अधिकारियों और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें जनगणना के प्रथम चरण के बाद की जाने वाली तैयारियों और दूसरे चरण के लिए जरूरी तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।


दो चरणों में हुआ जिला स्तरीय प्रशिक्षण

जिला स्तर पर प्रशिक्षण सत्र पांच-छह अक्टूबर और आठ-नौ अक्टूबर को आयोजित किए गए। इसमें संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आगामी जनसंख्या गणना के लिए गणना ब्लॉकों की समीक्षा से लेकर क्षेत्रीय सत्यापन और अभिलेखों को अद्यतन करने तक की प्रक्रिया समझाई गई। यह प्रशिक्षण जनगणना कार्यालय के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया।

अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना कार्य में किसी भी तरह की प्रशासनिक अव्यवस्था न हो, इसके लिए सभी तैयारियां पहले से पूरी करनी होंगी।

जनसंख्या गणना के लिए इन 5 तैयारियों पर रहेगा जोर

प्रशिक्षण के दौरान जनसंख्या गणना को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 5 प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया।

1. बड़े गणना ब्लॉक होंगे छोटे: निर्धारित गणना ब्लॉकों की समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार बड़े ब्लॉकों को उप-ब्लॉकों में विभाजित किया जाएगा। इससे गणना कार्य को व्यवस्थित करने और फील्ड में काम करने में मदद मिलेगी। छोटे ब्लॉक बनने से एक प्रगणक पर कार्य का दबाव भी कम होगा।

2. क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का सत्यापन: ब्लॉकों का विभाजन करने से पहले मौके पर जाकर क्षेत्रीय स्थिति की जांच की जाएगी। इसमें जनसंख्या, सड़क, गलियों और भौगोलिक सीमाओं को ध्यान में रखा जाएगा, ताकि गणना के दौरान कोई क्षेत्र छूटे नहीं और न ही दोहराव हो।

3. प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की संख्या का आकलन: संभावित जनसंख्या और कार्यभार के आधार पर कर्मचारियों की जरूरत का पहले से आकलन किया जाएगा। साथ ही, उनके बीच काम का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी एक कर्मचारी पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

4. रिकॉर्ड और तकनीकी विवरण होंगे अपडेट: गणना ब्लॉकों के विभाजन से संबंधित विवरणों को अद्यतन करने और आवश्यक अभिलेख निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। सभी तकनीकी रिकॉर्ड को समय पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

5. समयबद्ध तैयारी और बेहतर समन्वय: अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी तैयारियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि जनसंख्या गणना के दौरान किसी तरह की प्रशासनिक अव्यवस्था न हो और बेहतर समन्वय के साथ काम हो सके।

पहले चरण के बाद दूसरे चरण की तैयारी

गौरतलब है कि जनगणना का प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना से संबंधित है, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की जानी है। दोनों चरणों के बीच की तैयारियों में गणना क्षेत्रों का उचित निर्धारण और कर्मचारियों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी। जिला स्तरीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को इन जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है, ताकि आगामी जनगणना का संचालन बेहतर समन्वय के साथ किया जा सके।