यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिवराज ने मोदी से कहा, राज्य को अधिक स्वायत्तता की दरकार
शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि राज्यों को अपनी विकास योजनाएं बनाने के मामले में और अधिक स्वायत्तता दी जाए।
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Publish Date: Fri, 06 Jun 2014 12:15:48 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Jun 2014 12:19:13 PM (IST)

नईदुनिया ब्यूरो, नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि राज्यों को अपनी विकास योजनाएं बनाने के मामले में और अधिक स्वायत्तता दी जाए तथा मनरेगा के स्वरूप में परिवर्तन भी किया जाए।
गुस्र्वार शाम को प्रधानमंत्री मोदी से मिलने पहुंचे चौहान ने मप्र की कई विकास योजनाओं और मांगों के संबंध में चर्चा की। उनके साथ मप्र के मुख्य सचिव एंटोनी डिसा भी थे।
प्रधानमंत्री आवास में यह चर्चा लगभग तीस मिनट चली। बाद में चौहान ने मीडिया को बताया कि मप्र समेत सभी राज्यों की समस्याओं और जरूरतों से प्रधानमंत्री भलीभांति अवगत हैं। अत: अब किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कर राजस्व मेें मप्र का हिस्सा बढ़ाने, योजनाएं तैयार करने में राज्य को और स्वायत्तता देने, मप्र के चावल को बासमती का दर्जा दिलाने, फसल बीमा योजना लागू करने के फार्मूले और मनरेगा के बेहतर क्रियान्वयन के लिए इसके स्वरूप में बदलाव पर प्रधानमंत्री से विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है। इसके अलावा उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को लेकर भी केंद्र सरकार के सहयोग पर बात हुई है। इसका नतीजा जल्द सामने आएगा।