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Child Marriage in MP: हर साल बढ़ रहे बाल विवाह के मामले, दमोह में सबसे ज्यादा 293 केस

मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के विधानसभा प्रश्न के उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बा...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 03 Dec 2025 10:41:38 AM (IST)Updated Date: Wed, 03 Dec 2025 11:23:04 AM (IST)
Child Marriage in MP: हर साल बढ़ रहे बाल विवाह के मामले, दमोह में सबसे ज्यादा 293 केस
बाल विवाह को रोकने के सरकार के तमाम प्रयासों के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं वो चिंतित करने वाले हैं। - प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत हर माह योजनाबद्ध गतिविधियां आयोजित होती हैं
  2. अक्षय तृतीया व देव उठनी एकादशी पर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं
  3. विशेष टीमें, सूचना दल, उइन दस्ता, कंट्रोल रूम और नियंत्रण कक्ष गठित किए जाते हैं

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सरकार बाल विवाह रोकने के प्रयास करती है लेकिन इन पर रोक नहीं लग पा रही है। हर साल बाल विवाह के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले छह साल में 2,909 मामले सामने आए हैं। सर्वाधिक प्रकरण दमोह और सागर से सामने आ रहे हैं। यह जानकारी गुना के राघौगढ़ से कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के विधानसभा प्रश्न के उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने दी।

जयवर्धन सिंह ने पूछते हुए कहा कि 2020 से 2025 तक बाल विवाह के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि प्रदेश में बाल विवाह पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस अवधि में 2,909 बाल विवाह हुए, जो बताता है कि करोड़ों रुपये खर्च करने, योजनाएं चलाने और अभियानों के दावे के बावजूद प्रदेश में बाल विवाह पर रोक नहीं लग रही है। जबकि, इसके लिए प्रदेशभर में बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त हैं।


बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत हर माह योजनाबद्ध गतिविधियां आयोजित होती हैं। अक्षय तृतीया व देव उठनी एकादशी पर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। नुक्कड़ नाटक, बाल चौपाल, कार्यशाला, रैलियां की जाती हैं। जिला व ब्लाक स्तर पर विशेष टीमें, सूचना दल, उइन दस्ता, कंट्रोल रूम और नियंत्रण कक्ष गठित किए जाते हैं। इसके बाद जो तस्वीर सामने आई है, वह चिंतित करने वाली है।

इन जिलों में अधिक प्रकरण

दमोह 293, सागर 202, गुना 146, देवास 121, डिंडौरी 86, रतलाम 78, धार 72, मंदसौर 69, झाबुआ 68, विदिशा और उज्जैन 60-60 ।

वर्षवार- स्थिति

  • 2020- 366
  • 2021- 236
  • 2022- 519
  • 2023- 528
  • 2024- 529
  • 2025- 538