
भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि, Madhya Pradesh News:। कोरोना महामारी के कहर न जाने कितने लोगों का जीवन बर्बाद कर दिया है। बच्चे भी इससे अछूते नहीं हैं। खासतौर पर वे मासूम, जिनके माता-पिता को इस घातक संक्रमण ने उनसे छीन लिया। कोरोना के कारण अनाथ हुए ऐसे बच्चों के पुनर्वास के लिए मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक पहल की है। आयोग के सदस्य ब्रजेश चौहान ने हाल ही में महिला एवं बाल विकास विभाग संचालक को इस संदर्भ में एक पत्र लिखकर ऐसे बच्चों की जानकारी मांगी है। आयोग ने अपने पत्र में लिखा है कि लगातार संज्ञान में ऐसे मामले आ रहे हैं, जहां कोरोना संक्रमण के कारण माता-पिता दोनों या दोनों में से एक की मृत्यु से बच्चे देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की श्रेणी में आ गए हैं। लिहाजा, आयोग को क्षेत्रीय अमले के माध्यम से ऐसे बच्चों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि आयोग ऐसे बच्चों के पुनर्वास के लिए कार्ययोजना बनाकर उनकी मदद कर सके।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पूरे प्रदेश से इस तरह के बच्चों की जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को लिखा है। साथ ही आयोग प्रदेश भर के आश्रय गृहों का वर्चुअल परीक्षण कर रहा है, ताकि कोविड काल में आश्रय गृह में रह रहे बच्चों की समस्या को समझकर समाधान किया जा सके। इसके लिए आयोग ने भोपाल जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र लिखकर हर दिन दो-दो आश्रय गृह में वर्चुअल निरीक्षण का समय तय कर आयोग को सूचित करने के लिए पत्र लिखा है। बता दें, के आयोग इसके पहले इंदौर के सभी 11 आश्रय गृहों का ऑनलाइन निरीक्षण कर चुका है।