डिजिटल टीम, भोपाल। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित 'राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह' को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में इंजीनियरों के योगदान की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन रचनाओं और ऐतिहासिक भवनों से लेकर आधुनिक निर्माण तक में महान विभूतियों की कला साधना छिपी हुई है।
सर विश्वेश्वरैया को नमन और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर जोर
समारोह की शुरुआत भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के स्मरण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह पुराने समय में अजंता-एलोरा, मंदसौर का धर्मराजेश्वर और प्राचीन मंदिर भारत के महान कौशल की याद दिलाते हैं, उसी तर्ज पर आज के इंजीनियर भी देश के विकास के इंजन हैं।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश में अब सरकारी भवनों का निर्माण ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। अगले एक वर्ष में MPRDC द्वारा लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य किए जाएंगे। PWD के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने बताया कि पिछले 9 महीनों में ब्लैक स्पॉट्स के सुधार और आधुनिक निर्माण तकनीकों के चलते दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले इंजीनियरों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सड़क सुरक्षा और तकनीक में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों व इंजीनियरों को सम्मानित किया गया। ईश्वर सिंह चंदेली, मानवेंद्र सिंह सेंगर, मनीष कुमार शर्मा सहित कई युवा और वरिष्ठ अभियंताओं को प्रशस्ति पत्र दिए गए। साथ ही, सेवानिवृत्त सचिव सतीश चंद्र पांडे और सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता जी.एस. पल्नितकर को विशेष सम्मान से नवाजा गया।