
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में किसानों को अगले सीजन से दिन में 10 घंटे बिजली सप्लाई की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 12 वर्षों में 25 गुना से अधिक बढ़ी है और अब 11 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता स्थापित हो चुकी है। डाटा सेंटर और एआई सेंटर आने से बिजली की मांग बढ़ेगी।
ऊर्जा विभाग इसके लिए तैयार है। यह बात मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ऊर्जा विभाग के अभियंताओं और कर्मचारियों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में कही। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की कुल विद्युत क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। प्रदेश नवकरणीय ऊर्जा का केंद्र बन रहा है।
बिजली कंपनियों में लंबे समय से लंबित पदोन्नति का रास्ता साफ करते हुए नौ हजार से अधिक अभियंताओं और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। विद्युत कंपनियों में करीब 20 वर्षों से लंबित फ्रिंज बेनिफिट का समाधान किया गया है। नाइट शिफ्ट, कन्वेंस और कंपनसेटरी अलाउंस सहित विभिन्न भत्तों को संशोधित किया गया है। इसका लाभ करीब 25 हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को मिल रहा है। बिजलीकर्मियों के प्रयासों से मध्य प्रदेश 'बिजली गुल' से 'बिजली फुल' स्टेट बना है। प्रदेश में 29 हजार मेगावाट की विद्युत क्षमता है।
अभियंता दिवस पर मध्य प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि एक समय था जब हमारे देश में मेड इन जापान, मेड इन चाइना की सामग्री उपलब्ध हुआ करती थी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विजन दिया और हम मेक इन इंडिया को साकार कर पाए।
आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। हमारी इंजीनियरिंग का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है। इंजीनियरों से आग्रह है कि एआई, रिन्यूएबल एनर्जी और सस्टेनेबल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।