डिजीटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने और प्रदेश में पर्यटन निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 का सातवां संस्करण बुधवार से भोपाल में शुरू होगा।
चार दिवसीय आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में करेंगे। आयोजन में 34 देशों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ 15 राज्यों के 180 से अधिक घरेलू टूर ऑपरेटर और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 600 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।
1100 करोड़ का निवेश
आयोजन के दौरान प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 1100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इनमें सीहोर जिले के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये का मेगा पर्यटन निवेश समझौता प्रमुख है।
इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और आतिथ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना से करीब 920 प्रत्यक्ष रोजगार सहित बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।
10 हजार से अधिक बी2बी बैठकें
7 से 10 अक्टूबर तक चलने वाले ट्रैवल मार्ट में 10 हजार से अधिक पूर्व निर्धारित बी2बी बैठकें होंगी। देश-विदेश के टूर ऑपरेटर, होटल समूह, एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंसियां प्रदेश के 355 स्थानीय पर्यटन हितधारकों से सीधे संवाद करेंगी। इनमें होटल, रिसॉर्ट, हेरिटेज प्रॉपर्टी, होमस्टे और एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालक शामिल हैं।
आयोजन के दौरान होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म से जुड़ी 14 परियोजनाओं के लिए 252 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ अवार्ड भी दिए जाएंगे। इसके अलावा तीन प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर वे-साइड एमेनिटीज विकसित करने के लिए भी निवेशकों को एलओए प्रदान किए जाएंगे।
पर्यटन में 57 प्रतिशत की वृद्धि
सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट की रूपरेखा, तैयारियों और रणनीतिक लक्ष्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन की सुदृढ़ और प्रगतिशील पर्यटन नीतियों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश में पर्यटन ने अप्रत्याशित वृद्धि हासिल की है।
पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में पर्यटकों के आगमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई और पर्यटकों की संख्या 21.05 करोड़ तक पहुंची। सरकार वर्ष 2030 तक प्रदेश को देश का प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थल बनाने के साथ मध्यप्रदेश की 'भारत की वन्यजीव राजधानी' के रूप में ब्रांडिंग करने पर भी जोर दे रही है।
ग्रामीण होमस्टे, पीपीपी मॉडल, पर्यावरण अनुकूल पर्यटन और एआई आधारित डिजिटल तकनीकों को पर्यटन विकास की रणनीति में शामिल किया गया है।
12 रणनीतिक एमओयू पर होंगे हस्ताक्षर
ट्रैवल मार्ट में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 12 रणनीतिक एमओयू, एमओए और समझौते किए जाएंगे। इनमें पर्यटक वाहन चालकों के कौशल विकास के लिए आईआईटीटीएम ग्वालियर के साथ साझेदारी, ग्रामीण होमस्टे को वैश्विक बुकिंग प्लेटफार्म से जोड़ने के लिए 'ग्राम स्टे' के साथ समझौता और बाइक राइडिंग रूट विकसित करने के लिए रॉयल एनफील्ड के साथ एमओयू शामिल है।
इसके अलावा एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ सुरक्षा मानकों, पीथमपुर स्थित नैट्रैक्स के साथ मोटरस्पोर्ट्स पर्यटन और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में फिल्म पर्यटन एवं कौशल विकास को लेकर भी समझौते होंगे।
बहुभाषी वेबसाइट और डिजिटल हैंडबुक
वैश्विक पर्यटकों की सुविधा के लिए एमपी टूरिज्म की वेबसाइट का बहुभाषी संस्करण लॉन्च किया जाएगा। हिंदी और अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पेनिश, फ्रेंच और जापानी भाषा में पर्यटन संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी। डिजिटल एमपी ट्रैवल हैंडबुक में 360 डिग्री दृश्य, इंटरैक्टिव मैप, एआई आधारित स्टोरीटेलिंग, वर्चुअल रियलिटी लिंक और ऑडियो नरेशन जैसी सुविधाएं होंगी।
आयोजन के बाद 200 से अधिक विशेषज्ञों के लिए 16 फैमिलियराइजेशन टूर भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें खजुराहो, ओरछा, मांडू, महेश्वर, ग्वालियर, सांची, भीमबेटका, कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, कूनो, उज्जैन, ओंकारेश्वर, चित्रकूट और अमरकंटक सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।