
भोपाल। प्रदेश में अभी से पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने के कारण विधानसभा में आज प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रश्नकाल ही शुरू नहीं होने दिया। इस कारण एक बार कार्यवाही को दस मिनिट के लिए स्थगित किया गया और इसके बाद नियम 139 के तहत चर्चा की व्यवस्था मिलने पर कांग्रेस विधायक शांत हुए।
विधानसभा में आज सुबह जब सदन की कार्यवाही शुरू होना थी तो इसके ठीक पहले कांग्रेस विधायक दल ने यह तय किया था कि प्रदेश में पेयजल संकट की स्थिति बनने लगी है और इस पर चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर सदन में अपनी बात रखना है।
इसके तहत जैसे ही आज प्रश्नकाल का समय हुआ तो कांग्रेस विधायकों ने पेयजल संकट पर चर्चा कराए जाने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस कारण प्रश्नकाल शुरू ही नहीं हो सका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा को विधानसभा की कार्यवाही दस मिनिट के लिए स्थगित करना पड़ी।
दस मिनिट बाद जब दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन ने कहा कि हमारे दल के सभी विधायकों का आग्रह है कि प्रदेश में पानी के संकट की स्थिति निर्मित हो रही है और इस पर सरकार के क्या इंतजाम हैं, सदन में चर्चा के बाद सामने आना चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान की सरकार हर मुद्दे पर चर्चा कराने के पक्ष में रहती है लेकिन कांग्रेस के सदस्य चर्चा नहीं हंगामा करते हैं।
इस पर कांग्रेस के सुंदरलाल तिवारी ने कहा कि पानी की बात कर रहे हैं तो यह हंगामा कहां से हो गया। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने यह व्यवस्था दी कि पेयजल संकट पर आज भोजनावकाश के बाद नियम 139 के तहत चर्चा की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस विधायक शांत हुए और विधानसभा अध्यक्ष का धन्यवाद दिया।