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MP में कांग्रेस का आरोप- जहरीले कफ सीरप से बच्चों की मौत के लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार

मुख्यमंत्री मोहन यादव को इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन ड्रग कंट्रोलर को हटाने से कुछ नहीं होगा, उनके विरुद्ध तो एफआईआर होनी चाहिए। क...और पढ़ें

By Vaibhav ShridharEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 07 Oct 2025 07:17:29 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Oct 2025 07:21:12 PM (IST)
MP में कांग्रेस का आरोप- जहरीले कफ सीरप से बच्चों की मौत के लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार
कफ सिरप मामले में कांग्रेस ने खोला मोर्चा।

HighLights

  1. जहरीले कफ सीरप से बच्चों की मौत के लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार।
  2. मप्र व राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में लगाए आरोप।
  3. कहा- प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग असफल, कुपोषण की दर राष्ट्रीय स्तर से अधिक।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल में 17 बच्चों की जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरफ से मौत के लिए कांग्रेस ने सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में संयुक्त पत्रकार वार्ता करके आरोप लगाया है कि गत चार सितंबर को पहले बच्चे की मौत होने के बाद भी मध्य प्रदेश सरकार नहीं जागी। जहरीले सीरफ की बात को नकारा जाता रहा। जब तमिल नाडु ने जांच कर जहरीले रसायन का उपयोग पाया, तब सरकार को हरकत में आना पड़ा।

दोनों कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 24 अगस्त को छिंदवाड़ा में फिटकुरिया का पहला बच्चा भर्ती हुआ। इसके बाद यह संख्या बढ़ती गई। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तमिल नाडु की रिपोर्ट से पहले यह मानने का तैयार ही नहीं था कि कफ सीरप के कारण यह स्थिति बनी। वहां प्रतिबंध लगाने के बाद मध्य प्रदेश में रोक लगाई गई।


तमिल नाडु की रिपोर्ट के विपरीत प्रदेश सरकार की रिपोर्ट में नौ सैंपल साफ बताए गए। 10 सैंपलों की रिपोर्ट अभी लंबित है। प्रदेश में कफ सीरप को बड़े पैमाने पर नशे के तौर पर उपयोग किया जा रहा है। 2022 से अब तक इंदौर, सागर, भोपाल, रीवा और सतना में कोडीन युक्त खांसी की दवाइयों की लाखों बोतलें जब्त हुईं।

यह बताता है कि प्रदेश में नशे का नेटवर्क पुलिस की नाक के नीचे और राजनीतिक संरक्षण में पनप रहा है। कांग्रेस ने सरकार से दोषियों को सजा देने, जहरीली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने और बच्चों की सुरक्षा व पोषण पर गंभीरता से काम करने की मांग की।

कुपोषण की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक, चिकित्सा सेवा भगवान भरोसे-

सिंघार ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के हाल बुरे हैं। इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में दो नवजात को चूहों ने कुतर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। प्रदेश में कुपोषण दर 7.79 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 5.4 प्रतिशत से अधिक है।

जिला मुख्यालयों पर कैंडल मार्च

  • कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में पत्रकार वार्ता करके आरोप लगाया कि प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सीरप के कारण 19 बच्चों की जान चली गई और सात गंभीर हालत में हैं, इसके बाद भी कोई जिम्मेदार नहीं।
  • सरकार इतनी असंवेदनशील हो चुकी है कि उप मुख्यमंत्री स्वास्थ्य राजेंद्र शुक्ल और प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव छिंदवाड़ा पहुंचे तक नहीं।
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव को इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन ड्रग कंट्रोलर को हटाने से कुछ नहीं होगा, उनके विरुद्ध तो एफआईआर होनी चाहिए।
  • कांग्रेस ने तय किया है कि नौ अक्टूबर को ब्लाक और जिला मुख्यालयों पर कैंडल मार्च निकालकर दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि देने के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।