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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Congress MLA निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त कराने को अब हाई कोर्ट जाएगी कांग्रेस

कांग्रेस ने बीना विधानसभा की विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने के लिए हाईकोर्ट जाने का निर्णय लिया है। दलबदल विरोधी कानून के तहत याचिका पर व...और पढ़ें

By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Mon, 04 Nov 2024 08:00:37 PM (IST)Updated Date: Mon, 04 Nov 2024 08:00:37 PM (IST)
Congress MLA निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त कराने को अब हाई कोर्ट जाएगी कांग्रेस
विधानसभा के प्रमुख सचिव ने दस्तावेजों के गुम होने का खंडन किया।

HighLights

  1. सप्रे पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
  2. सदस्यता समाप्त करने के लिए हाईकोर्ट जा रही कांग्रेस
  3. विधानसभा सचिवालय ने 90 दिन में नहीं लिया निर्णय

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल: कांग्रेस अब सागर जिले के बीना विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करवाने के लिए कोर्ट जाएगी। विधानसभा सचिवालय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दी गई दलबदल विरोधी कानून के तहत याचिका पर 90 दिन के बाद भी कोई निर्णय नहीं किया है। अवधि बीतने के बाद अब फिर से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि इससे साफ है कि इस मामले को टालने का प्रयास किया जा रहा है।

निर्णय टाले जाने का आरोप

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को मीडिया से चर्चा में कहा कि हमने दस्तावेज के साथ बीना सीट से हमारी विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल संबंधी सभी दस्तावेज दिए थे। इस पर दो बार नोटिस भी जारी किया गया, पर यह केवल औपचारिकता ही रही। 90 दिन के भीतर अध्यक्ष को याचिका पर निर्णय लेना होता है पर इसे लगातार टाला जा रहा है।


दस्तावेज गुम होने का बहाना

सिंघार ने कहा कि अब यह कहा जा रहा है कि दस्तावेज गुम हो गए हैं, इसलिए दोबारा दिए जाएं। अध्यक्ष को यह तो भिजवा दिए गए हैं पर हमें विश्वास नहीं है कि कोई कार्रवाई होगी। यही कारण है कि अब हाईकोर्ट में उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए याचिका लगाई जाएगी। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी चर्चा हो गई है।

पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप

सप्रे लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हो रही हैं, जिसके कई प्रमाण उपलब्ध हैं। पिछले दिनों ही उन्होंने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में भी भाग लिया था। उधर, विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि दस्तावेज गुमने जैसी कोई बात नहीं है। केवल यह पूछा गया है कि क्या विधायक दल या पार्टी की ओर से कोई कार्रवाई की गई है।